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नई कार लेते समय न करें ये बड़ी गलती! 5 मिनट में ऐसे पहचानें कार की एसेसरीज असली हैं या नकली

नई कार खरीदते समय सिर्फ फीचर्स नहीं, उसके साथ मिलने वाली एसेसरीज की भी जांच जरूरी है. कई बार ओरिजिनल के नाम पर लोकल एसेसरीज थाम दी जाती है. जानिए 5 आसान तरीके जिनसे मिनटों में पता लगा सकते हैं कि आपकी कार में लगी एसेसरीज असली है या नकली.

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नई कार लेते समय न करें ये बड़ी गलती! 5 मिनट में ऐसे पहचानें कार की एसेसरीज असली हैं या नकली. (Photo-AI)

नई कार खरीदना हर किसी के लिए खास होता है. ऐसे में ज्यादातर लोग इंजन माइलेज, फीचर्स और सेफ्टी जैसी चीजों पर पूरा ध्यान देते दैं, लेकिन कार के साथ मिलने वाली एसेसरीज को अक्सर बिना जांचे ही स्वीकार कर लेते हैं. कई बार ग्राहकों को ओरिजिनल के नाम पर लोकर या आफ्टरमार्केट एसेसरीज देदी जाती है, जिनकी क्वालिटी और सुरक्षा दोनों भरोसेमंद नहीं होती. इसलिए नई कार की डिलीवरी लेते समय कुछ आसान बातों की जांच करके ये पता लगा सकते हैं कि आपकी कार में लगी एसेसेरीज असली हैं या नहीं

पैकेजिंग, लोगो और QR कोड जरूर देखें

ओरिजिनल एसेसरीज की पहचान सबसे अच्छे से उनकी पैकेजिंग से होती है. कंपनी की असली पैकिंग पर ब्रांड का लोगो, पार्ट नंबर, मैन्यूफैक्चरिंग डेट और दूसरी जरूरी डिटेल्स साफ प्रिंट होती है. अगर प्रिटिंग धुंधली हो, स्पेलिंग मिस्टेक हो या पैकेजिंग खराब दिखाई दे, तो सतर्क हो जाना चाहिए. इसके अलावा बॉक्स पर मौजूद QR या बारकोड को स्कैन करके भी प्रोडक्ट की जानकारी या उसकी प्रामाणिकता की जांच की जा सकती है.

पार्ट नंबर और GST बिल का मिलान करें

सिर्फ डीलर की बात पर भरोसा करने के बजाय एसेसरी का पक्का GST बिल जरूर लें. बिल में हर एसेसरी का नाम और उसका पार्ट नंबर साफ लिखा होना चाहिए. इसके बाद उस पार्ट नंबर को कार बनाने वाली कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर मिल लें. इससे यह पता चल जाएगा कि लगाया गया पार्ट वास्तव में कंपनी का ओरिजिनल प्रोडक्ट है या नहीं.

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कंपनी की वारंटी की जानकारी लें

अगर एसेसरी ओरिजिनल है तो उस पर कंपनी की ओर से वारंटी भी मिलती है. इसलिए कार लेते समय ये जरूर पूछें कि संबंधित एसेसरी पर कंपनी की वांरटी लागू है या नहीं. वारंटी मिलने से फ्यूचर में किसी खराबी की स्थिति में क्लेम करना आसान हो जाता है.

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फिटिंग और फिनिशिंग पर ध्यान दें

ओरिजनल एसेसरीज हमेसा कार के मॉडल के मुताबिक तैयार की जाती  हैं इसलिए उकी फिटिंग बिल्कुल सटीक होती है इसमें कहीं भी ढीलापन या गैप नहीं दिखाई देता वहीं लोकर या नकली एसेसरीज में प्लास्टिक की क्वालिटी कमजोर हो सकती है, इनका वजन हल्का लग सकता है और रंग या फिनिशिंग में भी अंतर साफ नजर आता है. इसलिए फिटमेंट और बिल्ड क्वालिटी को ध्यान से जरूर चेक करें.

वारंटी कार्ड और जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें

एसेसरी के साथ मिलने वाले वारंटी कार्ड, इंस्टॉलेशन गाइड और दूसरे जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें. भविष्य में अगर किसी तरह की परेशनी आती है तो ये दस्तावेज वांरटी क्लेम करने में काम आएंगे. अगर डीलर किसी एसेसरी को ओरिजिनल बता रहा है तो उससे इस बात की लिखिल में पुष्टि लेलें.

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हमेशा अधिकृत डीलरशिप से ही खरीदें

अगर आप कार के लिए अलग से कोई एसेसरी खरीद रहे हैं, तो कोशिश करें कि उसे हमेशा अधिकृत डीलरशिप से ही खरीदें. खरीदारी के दौरान मिलने वाला बिल, ऑथेंटिसिटी सर्टिफिकेट और कंपनी के सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें. इससे भविष्य में किसी विवाद या वारंटी से जुड़ी परेशानी से बचा जा सकता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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