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कार में तेज म्यूजिक सुनने से क्या कट सकता है चालान? जानें क्या कहता है नियम?

कार में तेज आवाज में गाने बजाने से क्या चालान कट सकता है? इस तरह के सवाल अक्सर लोगों के मन में आते हैं, तो जानते हैं इससे जुड़े नियम.

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लंबे सफर में कार के अंदर गाने सुनना किसे पसंद नहीं होता. सफर थोड़ा आसान और मजेदार बनाने के लिए लोग अक्सर म्यूजिक चलाते हैं. लेकिन अगर यही म्यूजिक इतना तेज हो कि कार के बाहर तक आवाज जाए तो यह आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. तेज आवाज में गाने बजाने पर न सिर्फ आसपास के लोगों को दिक्कत होती है, बल्कि कुछ परिस्थितियों में ट्रैफिक और शोर से जुड़े नियमों को तहत कार्रवाई भी हो सकती है.

तेज म्यूजिक से बढ़ सकता है हादसे का खतरा

कार में बहुत तेज आवाज में म्यूजिक चलाने का असर ड्राइविंग पर भी पड़ सकता है. तेज आवाज के कारण ड्राइवर का ध्यान सड़क से हट सकता है. इतना ही नहीं, अगर कार के अंदर म्यूजिक बहुत तेज है तो पीछ से आने वाली गाड़ियों का हॉर्न या एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड का सायरन भी सुनाई नहीं दे सकता. ऐसी स्थिति में इमरजेंसी वाहन को रास्ता देने में देरी हो सकती है और हादसे का खतरा बढ़ सकता है.

तेज म्यूजिक पर कितना हो सकता है चालान?

तेज म्यूजिक और शोर से जुड़े उल्लंघन पर अलग-अलग नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है. मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत शोर प्रदूषण और रोड सेफ्टी मानकों के उल्लंघन पर पहली बार पकड़े जाने पर 1,000 से 10,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है. हालांकि, जुर्माने की राशि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के हिसाब से अलग हो सकती है.

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खतरनाक ड्राइविंग में भी हो सकती है कार्रवाई

अगर तेज म्यूजिक की वजह से ड्राइवर का ध्यान ड्राइविंग से हटता है और पुलिस इसे खतरनाक ड्राइविंग मानती है तो धारा 184 के तहत भी कार्रवाई हो सकती है. इसलिए सिर्फ यह सोचना सही नहीं है कि कार के अंदर गाना बज रहा है तो पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती. म्यूजिक की आवाज और ड्राइविंग के तरीके, दोनों पर ध्यान देना जरूरी है.

साइलेंस जोन में ज्यादा सावधानी जरूरी

अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और कोर्ट के आसपास के इलाकों को साइलेंस जोन के तौर पर चिन्हित किया जा सकता है. इन जगहों पर शोर को लेकर नियम ज्यादा सख्त होते हैं. साइलेंज जोन में दिन के समय 50 डेसिबल और रात में 40 डेसिबल से ज्यादा शोर की सीमा बताई गई है. अगर कार का म्यूजिक बाहर सड़क तक तेज आवाज में सुनाई देता है, तो कार्रवाई हो सकती है.

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बड़े स्पीकर और सबवूफर लगवाना भी पड़ सकता है भारी

कई लोग कार के म्यूजिक सिस्टम को ज्यादा दमदार बनाने के लिए बड़े एम्पलीफायर, सबवूफर और एक्स्ट्रा स्पीकर लगवा लेते हैं. कंपनी की तरफ से दिया गया म्यूजिक सिस्टम आमतौर पर वाहन के तय मानकों के हिसाब से लगाया जाता है, लेकिन बाद में किए गए मॉडिफिकेशन पर नियमों का ध्यान रखना जरूरी है. अगर किसी बदलाव से वाहन नियमों का उल्लंघन होता है, तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है और अलग से चालान भी हो सकता है.

खिड़कियां खोलकर तेज गाने बजाने से बचें

अगर कार में तेज म्यूजिक चल रहा है और खिड़कियां भी खुली हैं तो इसकी आवाज आसानी से बाहर तक पहुंच सकती है. इससे सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों को परेशानी हो सकती है. इसलिए म्यूजिक सुनते समय खिड़कियां बंद रखना बेहतर है और आवाज को जरूरत से ज्यादा तेज नहीं करना चाहिए.

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चालान से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

कार में म्यूजिक की आवाज इतनी रखें कि वह सड़क पर आसपास के लोगों को परेशान न करे. साइलेंस जोन से गुजरते समय म्यूजिक बंद करना या आवाज काफी कम करना बेहत है. सबसे जरूरी बात ये है कि ड्राइविंग के दौरान म्यूजिक इतना तेज न हो कि आपको आसपास के वाहनों का हॉर्न या एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड का सायरन सुनाई न दें.सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सड़क की आवाज और आसपास की स्थिति पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है.

ये भी पढ़ें- दिल्ली में नए चालान सिस्टम पर लगी रोक, कोर्ट जाने से पहले 50% जुर्माना जमा करने का नियम टला

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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