Electronic Parking Brake: कार में दिखने वाला छोटा सा P बटन कैसे करता है काम, जानें इसके फायदे

नई कारों में हैंडब्रेक की जगह अब छोटा सा P बटन तेजी से आम हो रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटा बटन दबाते ही कार के पहियों पर ब्रेक कैसे लग जाता है? जानिए कार में लगे इस छोटे से बटन का पूरा काम और इसके फायदे.

Electronic Parking Brake

नई कारों में हैंडब्रेक की जगह Electronic Parking Brake दिए जा रहे हैं. (Image Credit-AI)

आजकल नई कारों में ट्रेडिशनल हैंडब्रेक लीवर की जगह एक छोटा सा P बटन दिखा देता है. इसे देखकर कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर बिना हैंडब्रेक खींचे कार एक जगह कैसे रुकी रहती है. दरअसल, यह बटन इलेक्ट्रिॉनिक पार्किंग ब्रेक यानी EPB का हिस्सा होता है. इसमें हाथ से लीवर खींचने की जरूरत नहीं पड़ती और बटन दबाते ही इलेक्ट्रिक सिस्टम पार्किंग ब्रेक को एक्टिव कर देता है. यह फीचर अब कई नई और प्रीमियम कारों में देखने को मिलता है.

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इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक यानी EPB क्या है?

EPB एक बटन से ऑपरेट होने वाला मॉडर्न पार्किंग ब्रेक सिस्टम है. पुराने हैंडब्रेक में लीवर और केबल का इस्तेमाल होता था, जबकि EPB में इलेक्ट्रिक मोटर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम काम करते हैं. ड्राइवर को कार पार्क करते समय सिर्फ P बटन को दबाना या खींचना होता है. इसके बाद सिस्टम कार के पार्किंग ब्रेक को एक्टिव कर देता है.

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बटन दबाते ही सिस्टम को मिलता है सिग्नल

जब ड्राइवर सेंटर कंसोल या डैशबोर्ड पर दिए गए P बटन को दबाता है, तो इसका सिग्नल कार के इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट यानी ECU तक पहुंचता है. ECU इस कमांड को प्रोसेस करके पार्किंग ब्रेक को एक्टिव करने का निर्देश देता है. यानी ड्राइवर को खुद किसी केबल या लीवर को खींचने की जरूरत नहीं पड़ती.

इलेक्ट्रिक मोटर करती है असली काम

ECU से कमांड मिलने के बाद कार के पिछले पहियों के ब्रेक सिस्टम में लगी इलेक्ट्रिक मोटर एक्टिव हो जाती है. यह मोटर ब्रेक पैड्स को ब्रेक डिस्क पर दबाती है. इसके बाद पहियों पर ब्रेक लग जाता है और पार्क की गई कार अपनी जगह पर बनी रहती है. यही वजह है कि ढलान पर भी कार को रोकने में EPB मदद करता है.

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EPB इस्तेमाल करना है बेहद आसान

EPB का सबसे बड़ा फायदा इसका आसान इस्तेमाल है. पारंपरिक हैंडब्रेक लगाने के लिए लीवर को ऊपर खींचना पड़ता था और कई बार उसमें काफी ताकत भी लगती थी. वहीं इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक में सिर्फ एक बटन दबाकर पार्किंग ब्रेक एक्टिव किया जा सकता है. इसे हटाने का तरीका भी काफी आसान होता है.

केबिन में मिलती है ज्यादा जगह

पारंपरिक हैंडब्रेक लीवर हटने से कार के सेंटर कंसोल में अतिरिक्त जगह मिल सकती है. इस जगह का इस्तेमाल कप होल्डर, स्टोरेज या दूसरे फीचर्स के लिए किया जा सकता है. यही वजह है कि नई कारों के इंटीरियर को ज्यादा साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने में भी EPB मदद करता है.

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Auto Hold फीचर भी आता है काम

कई कारों में EPB के साथ Auto Hold फीचर भी दिया जाता है. ट्रैफिक में बार-बार रुकने या ढलान पर खड़े होने के दौरान यह फीचर कार को ब्रेक पर होल्ड करके रखता है. इससे ड्राइवर को लगातार ब्रेक पैडल दबाकर रखने की जरूरत नहीं पड़ती. एक्सीलेटर दबाने पर सिस्टम ब्रेक रिलीज कर देता है और कार आगे बढ़ जाती है.

कुछ स्थितियों में अपने आप रिलीज हो सकता है ब्रेक

EPB वाली कारों में कई ऑटोमैटिक सेफ्टी फीचर्स भी दिए जाते हैं. उदाहरण के लिए, कुछ कारों में सीटबेल्ट लगाने के बाद एक्सीलेटर दबाने पर पार्किंग ब्रेक अपने आप रिलीज हो सकता है. हालांकि, यह सुविधा कार के मॉडल और उसके सिस्टम पर निर्भर करती है. इसलिए अपनी कार में EPB के साथ मिलने वाले फीचर्स की जानकारी मैनुअल से जरूर जांचनी चाहिए.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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