हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

कार में दिख रहे ये 5 संकेत तो कार्बोरेटर में जमा हो सकता है कचरा! इग्नोर किया तो बढ़ेगा खर्च

कार स्टार्ट होने में दिक्कत, चलते समय झटके और अचानक माइलेज कम होना सिर्फ छोटी परेशानी नहीं है. आपकी कार के कार्बोरेटर में कचरा जमा होने पर भी ये संकेत मिल सकते हैं. जानते हैं क्या होते हैं वो संकेत.

विज्ञापन
गाड़ी के कार्बोरेटर में कचरा जमा होने से कार के माइलेज पर असर पड़ता है. (Image Credit- Magnific)

अगर आपकी कार स्टार्ट होने में बार-बार परेशान कर रही है, चलत समय झटके दे रही है तो इसे इग्नोर न करें. इन परेशानियों की वजह कार्बोरटर में जमा गंदगी भी हो सकती है. कार्बोरेटर इंजन तक हवा और पेट्रोल का सही मिक्स पहुंचान का काम करता है. इसमें धूल, कचरा या कार्बन जमा होने पर इंजन की परफॉर्मेंस बिगड़ने लगती है. अच्छी बात यह है कि कार कुछ संकेत पहले ही देने लगती है. इन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो बड़ी खराबी और रिपेयरिंग के खर्च से बचा जा सकता है.

कार्बोरेटर में कचरा होने के संकेत

बार-बार कोशिश के बाद भी कार स्टार्ट न हो

कार्बोरेटर में कचरा फंसने पर इंजन तक जरूरत के मुताबिक पेट्रोल नहीं पहुंच पाता. इसका सीधा असर कार की स्टार्टिंग पर पड़ता है. खासतौर पर ठंडे मौसम में ऐसी कार बार-बार सेल्फ लेने के बाद भी स्टार्ट होने में परेशानी कर सकती है. अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो कार्बोरेटर की जांच करवाना सही रहेगा.

खड़ी कार का इंजन अपने आप बंद हो जाए

अगर कार न्यूट्रल में खड़ी है और बिना एक्सीलेरेटर दिए इंजन बंद हो जाता है, तो यह भी कार्बोरेटर में गंदगी जमा होने का संकेत हो सकता है. ऐसी समस्या सिर्फ खड़ी कार में ही नहीं आती. कई बार ड्राइविंग के दौरान भी इंजन झटके लेने के बाद बंद हो सकता है.

विज्ञापन

एक्सीलेटर दबाते ही पिकअप में कमी

कार्बोरेटर में कचरा जमा होने पर एयर फ्यूल मिक्सचर का बैलेंस बिगड़ सकता है. इसका असर कार के पिकअप पर साफ दिखाई देता है. एक्सीलेटर दबाने के बाद कार तुरंत रफ्तार नहीं पकड़ती और कई बार झटके भी लेने लगती है. अगर ड्राइव करते समय यह समस्या बार-बार हो रही है, तो कार्बोरेटर की जांच करानी जरूरी है.

काला धुआं और पेट्रोल की स्मेल

कार्बोरेटर गंदा होने पर इंजन में हवा की मात्रा कम और पेट्रोल ज्यादा पहुंच सकता है. ऐसे में कार के साइलेंसर से काला धुआं निकलने लगता है. इसके साथ पट्रोल जलने जैसी तेज गंध भी महसूस हो सकती है. ये दोने संकत बताते है कि इंजन में एयर-फ्यूल मिक्सचर सही तरीके से नहीं बन रहा है.

विज्ञापन

अचानक कम हो जाए कार का माइलेज

अगर कार पहले के मुकाबले अचानक ज्यादा पेट्रोल पीने लगी है और माइलेज गिर गया है तो कार्बोरेटर भी इसकी वजह हो सकता है. गंदगी जम होने से एयर-फ्यूल का बैलेंस बिगड़ जाता है और इंजन जरूरत से ज्यादा पेट्रोल की खपत करने लगता है.

कार्बोरेटर को कचसे से कैसे रखें सुरक्षित

फ्यूल फिल्टर को समय पर बदलें

कार्बोरेटर में कचरा पहुंचने से रोकने के लिए फ्यूल फिल्टर पर ध्यान देना जरूरी है. खराब या पुराना फ्यूल फिल्टर टंकी की गंदगी को कार्बोरेटर तक पहुंचने से ठीक तरह से नहीं रोक पाता. इसलिए इसे समय पर बदलवाना चाहिए. इससे कार्बोरेटर तक गंदगी पहुंचने की संभावना कम की जा सकती है.

विज्ञापन

साफ पेट्रोल का इस्तेमाल करें

कार में हमेशा साफ और अच्छी क्वालिटी का पेट्रोल इस्तेमाल करना भी जरूरी है. गंदे या मिलावटी फ्लू की वजह से कार्बोरेटर के छोटे-छोटे जेट्स जल्दी ब्लॉक हो सकते हैं. इसका सीधा असर इंजन के प्रदर्शन पर पड़ता है. इसलिए फ्लू भरवाते समय भरोसेमंद पेट्रोल पंप का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है.

कार्बोरेटर साफ करवाएं

कार्बोरेटर की समय-समय पर सफाई भी जरूरी है. रेगुलर सर्विसिंग के दौरान कार्बोरेटर क्लीनर स्प्रे की मदद से इसकी सफाई करवाई जा सकती है. इससे जमा गंदगी को हटाने में मदद मिलती है और कार्बोरेटर के काम करने में परेशानी कम हो सकती है.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- कार की छत पर सामान रखने से कितना घटता है माइलेज? सिर्फ वजन नहीं, इससे भी पड़ता है असर

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola