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बारिश के बाद कार के ब्रेक से क्यों आती है अजीब आवाज? इन संकेतों को नॉर्मल समझकर भूलकर भी न करें नजरअंदाज

बारिश के बाद कार के ब्रेक से चीं-चीं या घिसने जैसी आवाज आना आम बात हो सकती है, लेकिन हर आवाज को सामान्य समझना भारी पड़ सकता है. जानिए कौन-सी आवाज सिर्फ नमी की वजह से है और कब ब्रेक पैड, रोटर या कैलिपर की तुरंत जांच जरूरी है.

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बारिश के बाद कार के ब्रेक से चीं-चीं या घिसने जैसी आवाज हर बार सामान्य नहीं होता है. (Image Credit-Magnific)

बारिश के मौसम में कार चलात समय अगर ब्रेक लगाने पर अचनाकर चीं-चीं या घिसने जैसी आवाज आने लगो, तो कई बार लोग इसे ब्रेक में बड़ी खराबी समझ लेते हैं. लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता. बारिस या ज्यादा नमी के बाद ब्रेक रोटर पर पान की पतली परत जम सकती है या हल्की सरफेस रस्ट बन सकती है. ब्रेक लगाने पर पैड इस परत को हटाता है, जिससे कुछ समय के लिए आवाज आ सकती है. आमतौर पर कुछ दूर चलने और दो दो-चार बार ब्रेक लगाने के बाद यह आवाज कम हो जाती है. लेकिन अगर आवाज लगातार बनी रहे या ब्रेक लगाने के तरीके में कोई बदलाव महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है.

बारिश के बाद ब्रेक से आवाज क्यों आती है?

बारिश में कार कुछ समय तक खड़ी रहने पर ब्रेक रोटर पर नमी जम हो जाती है. ज्यादा नमी की वजह से रोटर की तरह पर हल्की रस्ट भी बन सकती है. जब कार दोबारा चलती है और ब्रेक लगाया जाता है तो ब्रेक पैड रोटर की इस ऊपरी परत को साफ सकता है. इसी दौरान हल्की स्क्वीकिंग या स्क्रैपिंग जैसी आवाज सुनाई दे सकती है.

कुछ ब्रेक लगाने के बाद आवाज कम हो जाए तो?

अगर कार चलाने के बाद कुछ बार ब्रेक लगाने पर आवाज अपने आप कम हो जाती है और गाड़ी सामान्य तरीके से रुक रही है, तो आमतौर पर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं होती. रोटर की सतह से नमी या हल्की रस्ट हटने के बाद ब्रेक सामान्य आवाज करने लगता है. हालांकि, बारिश के मौसम में लगातार नमी और रस्ट ब्रेक कंपोनेंट्स पर असर डाल सकती है, इसलिए आवाज को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए.

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हर बार ब्रेक लगाने पर आवाज आए तो ध्यान दें

अगर ब्रेक लगाने पर हर बार तेज स्क्वीकिंग की आवाज आती है और यह कई दिनों तक बनी रहती है तो इसकी वजह सर्प बारिश नहीं हो सकती है. ब्रेक पैड ज्यादा घिस जाने पर उसमें लगा वियर इंडिकटर रोटर के संपर्क में आ सकता है. इससे तेज आवाज आती है और यह ब्रक पैड की जांच या उसे बदलने का संकेत हो सकता है.

ब्रेक में धूल या गंदगी फंसने से भी आवाज

ब्रेक पैड और रोटर के बीच धूल, छोटे पत्थर या दूसरी गंदगी फंसने पर भी ब्रेक से आवाज आने लगती है. इसके अलावा ब्रेक हार्डवेयर में लुब्रिकेशन की कमी, कैलिपर में समस्या या ब्रेक पैड और रोटर के ज्यादा गर्म होने की वजह से भी लगातार स्क्वीकिंग हो सकती है. अगर आवाज हर बार ब्रेक लगाने पर सुनाई दे रही है, तो मैकेनिक से ब्रेक पैड, रोटर और कैलिपर की जांच करवाना बेहतर है.

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इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

ब्रेक से आवाज के साथ अगर स्टीयरिंग व्हील या पूरी कार में कंपन महसूस हो, तो ब्रेक सिस्टम की जांच करवानी चाहिए. इसी तरह ब्रेक पैडल सामान्य से ज्यादा नीचे चला जाए, ब्रेक लगाने पर कार एक तरफ खिंचने लगे या गाड़ी को रोकने में पहले के मुकाबले ज्यादा दूरी लगे, तो इसे गंभीर संकेत माना जाना चाहिए.

ग्राइंडिंग आवाज आए तो तुरंत ध्यान दें

ब्रेक लगाने पर ग्राइंडिग जैसी तेज आवाज आना सामान्य नहीं है. ऐसा तब हो सकता है जब ब्रेक पैड पूरी तरह घिस चुका है और उसका मेटल हिस्सा सीधे रोटर से रगड़ खाने लगे. ऐसी स्थिति में ब्रेक सिस्टम को जल्द से जल्द चेक करवाना जरूरी है, क्योंकि लगातार ड्राइव करने से रोटर को भी नुकसान हो सकता है.

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बर्निंग स्मेल या वार्निंग लाइट भी संकेत

ब्रेक लगाते समय बर्निंग जैसी गंध आना भी ब्रेक सिस्टम की जांच कराने की वजह है. इसके अलावा डैशबोर्ड पर ब्रेक या ABS वार्निंग लाइट जलना या किसी एक व्हील से बाकी पहियों के मुकाबले ज्यादा गर्मी महसूस होना भी सामन्य नहीं है. ऐसे संकेत मिलने पर गाड़ी चलाते रहने के बजाय सुरक्षित जगह रुककर ब्रेक सिस्टम की जांच करवाना बेहतरह है.

सामान्य आवाज और खतरे वाली आवाज में अंतर समझें

बारिश के बाद कुछ समये के लिए आने वाली हल्की स्क्वीकिंग या स्क्रैपिंग आवाज नमी या रोटर पर बनी हल्की सरफेस रस्ट की वजह से हो सकती है. अगर कुछ दूरी चलने और कुछ बार ब्रेक लगाने के बाद आवाज कम हो जाती है और ब्रेकिंग सामान्य रहती है, तो आमतौर पर इसे लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं होती.

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ब्रेकिंग में बदलाव महसूस हो तो जांच जरूरी

अगर आवाज लगातार बनी रहती है, हर बार ब्रेक लगाने पर आती है या इसके साथ ब्रेक की परफॉर्मेंस में कोई बदलाव महसूस होता है, तो इसे सामान्य आवाज मानकर नहीं चलना चाहिए. ब्रेक कार का सबसे जरूरी सेफ्टी सिस्टम है. इसलिए ऐसी स्थिति में ब्रेक पैड, रोटर और कैलिपर समेत पूरे ब्रेक सिस्टम की जांच करवाना सुरक्षित कदम है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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