जिस बाइक का हम रोज इस्तेमाल करते हैं उसक देखभार भी उतनी ही जरूरी है. समय पर सर्विस नहीं कराने पर बाइक की परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है और आगे चलकर खर्च भी बढ़ सकता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कितने किलोमीट चलाने के बाद बाइक की सर्विस करानी चाहिए? 3000 या 5000 किमी क्या है सही.
कितने किलोमीटर बाद कराएं बाइक की सर्विस?
बाइक की सर्विसिंग को लेकर हर बाइक मालिक के मन में यह सवाल रहता है कि कितने किलोमीटर के बाद सर्विस करानी सही रहती है. आम तौर पर बाइक की नियमित सर्विस हर 3,000 से 5,000 किलोमीटर के बाद कराने की सलाह दी जाती है. इसके साथ समय का भी ध्यान रखना चाहिए. यानी करीब 3 से 6 महीने के अंदर सर्विस करा लेना बेहतर रहता है. किलोमीटर या समय, जो भी पहले पूरा हो, उसी के हिसाब से सर्विस करा सकते हैं.
नई बाइक की पहली सर्विस कब कराएं?
अगर आपने नई बाइक खरीदी है तो उसकी पहली सर्विस को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आमतौर पर नई बाइक की पहली सर्विस 500 से 1000 किमी चलने के बाद या खरीदने के करीब 1 महीने के अंदर कराने की सलाह दी जाती है. शुरुआती सर्विस के दौरान इंजन से जुड़े जरूरी हिस्सों की जांच की जाती है और इंजन के अंदर मौजूद बारीक कणों को हटाने में भी मदद मिलती है.
पहली सर्विस के बाद कितना अंतर रखें?
पहली सर्विस के बाद बाइक की नियमित सर्विसिंग का सिलसिला जारी रखना चाहिए. सामान्य तौर पर पहली सर्विस के बाद हर 3000 से 5000 किमी या करीब 4-6 महीने के अंतर पर बाइक की सर्विस कराई जा सकती है. हालांकि आपकी बाइक का सही सर्विस शेड्यूल उससे मॉडल और कंपनी की गाइडलाइन के हिसाब से अलग हो सकता है.
बाइक कम चलती है तो भी सर्विस जरूरी
कई लोग बाइक कम चलान की वजह से उसकी सर्विस लंबे सयम तक नहीं करवाते. ऐसा करना सही नहीं है. अगर बाइक ज्यादा नहीं चलती है तब बी 4-6 महीन में एक बार उसकी सर्विस करा लेनी चाहिए. बाइक क कुछ पार्ट्स और फ्यूइड सिर्फ किलोमीटर के हिसाब से ही नहीं, बल्कि समय के साथ भी अपनी स्थिति बदलते हैं.
किलोमीटर के साथ समय का भी रखें ध्यान
बाइक की सर्विस के लिए सिर्फ मीटर में दिखन वाले किलोमीटर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. जैसे अगर आपकी बाइक 3000 किमी नहीं चली है लेकिन पिछली सर्विस को कई महीने हो चुके हैं, तो भी सर्विस कराने का समय हो सकता है. इसलिए हमेशा समय और किमी, जो पहले पूर हो, उसे ध्यान में रखना बेहतर है.
इन पार्ट्स की भी होती है जांच
सिर्फ इंजन ऑयल बदलना ही बाइक की पूरी सर्विस नहीं है. सर्विसिंग के दौरान ऑयल फिल्टर, एयर फिल्टर, स्पार्क प्लग, ब्रेक फ्लुइड और चेन जैसी चीजों की भी जांच की जाती है. इनमें से किसी पार्ट में ज्यादा गंदगी, घिसावट या दूसरी समस्या दिखाई दे तो जरूरत के हिसाब से उसे साफ या बदला जाता है.
समय पर सर्विस कराने का फायदा
बाइक की नियमित सर्विसिंग से उसकी जरूरी चीजों की समय पर जांच होती रहती है. इससे छोट-मोटी समस्या का पता शुरुआत में ही लगाया जा सकता है. बाइक की अच्छी परफॉर्मेंस बनाए रखने के लिए समय पर सर्विस करना इसलिए जरूरी है. हालांकि हर बाइक का सर्विस शेडयूल अलग हो सकती है, इसलिए अपनी बाइक की कंपनी द्वारा दी गई सर्विस गाइडलाइन को भी जरूर देखें.