Things To Keep in Mind While Buying Bike On EMI: आज के समय में बाइक सिर्फ शौक की चीज नहीं रही, बल्कि जरूरत बन चुकी है. ऑफिस जाना हो, कॉलेज पहुंचना हो या रोजमर्रा के काम निपटाने हों, दोपहिया वाहन जिंदगी को आसान बना देता है. लेकिन हर किसी के पास इतनी बचत नहीं होती कि एक साथ पूरी रकम देकर नई बाइक खरीद सके. ऐसे में ज्यादातर लोग EMI का रास्ता चुनते हैं. सवाल यही है कि क्या किस्तों पर बाइक लेना सच में फायदेमंद है या बाद में यही फैसला परेशानी बन सकता है? आइए समझते हैं.

EMI पर बाइक लेने के फायदे

ईएमआई पर बाइक लेने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि आपको पूरी कीमत एक साथ नहीं चुकानी पड़ती. थोड़ी सी डाउन पेमेंट देकर आप तुरंत बाइक घर ला सकते हैं और बाकी रकम हर महीने छोटी-छोटी किस्तों में चुका सकते हैं. अगर आपकी नौकरी स्थिर है और हर महीने तय सैलरी आती है, तो किस्त भरना ज्यादा मुश्किल नहीं होता.

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कई बैंक और फाइनेंस कंपनियां कम ब्याज दर, जीरो डाउन पेमेंट या आसान प्रोसेसिंग जैसे ऑफर भी देती हैं, जिससे खरीदारी और आसान हो जाती है. एक और फायदा यह है कि अगर आप समय पर EMI भरते हैं, तो आपका CIBIL Score बेहतर होता है. अच्छा सिबिल स्कोर भविष्य में कार लोन या होम लोन लेने में काम आता है.

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EMI पर बाइक लेने के नुकसान

EMI सुनने में आसान लगती है, लेकिन इसमें ब्याज जुड़ा होता है. यानी अंत में आप बाइक की असली कीमत से ज्यादा पैसे चुका देते हैं. अगर आपकी आय स्थिर नहीं है या नौकरी में उतार-चढ़ाव रहता है, तो हर महीने किस्त भरना बोझ बन सकता है. एक भी किस्त छूट गई तो पेनल्टी लग सकती है और आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है. कई बार लोग अपनी क्षमता से ज्यादा महंगी बाइक ले लेते हैं, सिर्फ दिखावे के लिए. बाद में वही EMI आर्थिक दबाव बढ़ा देती है और बजट गड़बड़ा जाता है.

EMI पर बाइक लेना कब सही?

कुछ परिस्थितियों में EMI पर बाइक लेना समझदारी हो सकती है.

  • पहली बात, आपकी मासिक आय नियमित और स्थिर होनी चाहिए.
  • दूसरी बात, आपकी EMI आपकी कुल आय के 20 से 25 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इससे आपके बाकी खर्च प्रभावित नहीं होंगे.
  • तीसरी और सबसे जरूरी बात, बाइक आपकी जरूरत होनी चाहिए, न कि सिर्फ स्टाइल दिखाने का जरिया. अगर वाकई रोजमर्रा के कामों के लिए बाइक जरूरी है, तो EMI लेना सही कदम हो सकता है.

EMI पर बाइक लेना न पूरी तरह गलत है और न ही हमेशा सही. यह पूरी तरह आपकी आर्थिक स्थिति, जरूरत और जिम्मेदारी पर निर्भर करता है. फैसला लेने से पहले अपनी आमदनी, खर्च और भविष्य की योजनाओं पर जरूर विचार करें, ताकि बाइक की खुशी बाद में बोझ न बन जाए.

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