बाइक चलाते हैं तो जान लें कौन सा हेलमेट है आपके लिए सही, गलत सिलेक्शन से सेफ्टी को खतरा

बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है, लेकिन क्या हर हेलमेट आपकी जरूरत के लिए सही है? बाजार में फुल-फेस से लेकर मॉड्यूलर, ओपन-फेस और ऑफ-रोड हेलमेट तक कई विकल्प हैं. जानिए कौन सा हेलमेट किस तरह की राइडिंग के लिए बेहतर है.

HELMET types

बाइक चलाते हैं तो ये जानना बेहद जरूरी है कि कौन-सा हेलमेट खरीदना चाहिए. (Image Credit-AI)

टू-व्हीलर चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है. हेलमेट न लगाने पर ट्रैफिक पुलिस चालान काट सकती है, लेकिन इसकी अहमियत सिर्फ चालान से बचने तक सीमित नहीं है. बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट राइडर के लिए सबसे जरूरी सेफ्टी गियर में से एक है. हालांकि, बाजार में कई तरह के हेलमेट मिलते हैं और हर हेलमेट हर तरह की राइडिंग के लिए सही नहीं होता. ऐसे में हेलमेट खरीदते समय यह जानना जरूरी है कि कौन सा हेलमेट आपकी जरूरत के हिसाब से बेहतर रहेगा.

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कितनी तरह के होते हैं हेलमेट

फुल फेस हेलमेट 

फुल फेस हेलमेट सिर के साथ चेहरे, ठोड़ी और गर्दन को भी कवर करता है. सुरक्षा के लिहाज से इसे सबसे बेहतर ऑप्शन्स में माना जाता है. अगर आप रोज लंबी दूरी तय करते हैं या हाईवे पर बाइक चलाते हैं तो फुल फेस हेलमेंट आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. यह राइडर के सिर और चेहरे को ज्यादा हिस्से में कवर करता है.

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मॉड्यूलर हेलमेट

मॉड्यूलर या फ्लिप अप हेलमेट एक तर का फुल फेस हेलमेट होता है, लेकिन इसमें चिन गार्ड को ऊपर उठाया जा सकता है. एक बटन दबाकर इसका आगे वाला हिस्सा ऊपर करने पर यह ओपन फेस हेलमेट जैसा हो जाता है. लंबे सफर और टूरिंग के दौरान ये काफी सुविधाजनक रहता है. हालांकि इसमें ज्यादा मैकेनिज्म होने की वजह से यह फुल फेस हेलमेट से थोड़ा भारी हो सकता है.

ओपन फेस हेलमेट

ओपन फेस हेलमेट सिर, कान और सिर के पीछे वाले हिस्से को कवर करता है, लेकिन चेहरे और ठोड़ी का हिस्सा खुला रहता है. कम स्पीड में शहर के अंदर बाइक या स्कूटर चलाने के लिए इसे इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, हाई स्पीड राइडिंग में ठोड़ी पर चोट लगने का खतरा रहता है. हेलमेट ढीला होने पर तेज हवा में इसके हिलने की समस्या भी हो सकती है.

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ऑफ रोड हेलमेट

ऑफ रोड हेलमेट को एडवेंचर राइडिंग, ऑफ रोडिंग और डर्ट बाइकिंग जैसी जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है. इसमें लंबा चिन बार दिया जाता है और ऊपर की तरफ सन वाइजर भी होता है, जो धूप से बचाने में मदद करता है. ऐसे हेलमेट में आमतौर पर सामान्य वाइजर की जगह गॉगल्स का इस्तेमाल किया जाता है.

हाफ शेल हेलमेट

हाल शेल या कैप हेलमेट देखने में कैप जैसा होता है और यह सिर के सिर्फ ऊपरी हिस्से को कवर करता है. यह दूसरे हेलमेट की तुलना में सस्ता हो सकता है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे खरीदने की सलाह नहीं दी जाती. राइडिंग के दौरान सिर के ज्यादा हिस्से को कवर करने वाला हेलमेट चुनना बेहतर रहता है.

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कौन-सा हेलमेट चुने?

  • अगर आप रोज लंबी दूरी तय करते हैं या हाईवे पर तेज स्पीड में बाइक चलाते हैं तो फुल फेस हेलमेट आपक लिए बेहतर ऑप्श रहेगा. यह सिर, चेहरा और ठोड़ी को कवर करता है और राइडिंग के दौरान ज्यादा सुरक्षा देता है.
  • अगर आप अक्सर बाइक से लंबी दूरी की यात्रा या टूरिंग करते हैं, तो मॉड्यूलर हेलमेट आपके काम आ सकता है. इसमें जरूरत के हिसाब से चिन गार्ड को ऊपर किया जा सकता है. 
  • अगर आपकी राइडिंग में ऑफ रोडिंग शामिल है, तो ऑफ रोड हेलमेट ज्यादा सही विकल्प रहेगा.
  • अगर बाइक या स्कूटर का इस्तेमाल ज्यादातर शहर के अंदर और कम स्पीड पर करते हैं, तो ISI मार्क वाला ओपन फेस हेलमेट चुना जा सकता है. 

हालांकि, हेलमेट खरीदते समय यह जरूर देखें कि वह सिर पर सही तरीके से फिट हो और ढीला न हो. सही फिटिंग वाला हेलमेट ही राइडिंग के दौरान बेहतर सुरक्षा दे सकता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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