3 cylinder Engine: कार हो या एसयूवी, आजकल 3 सिलेंडर इंजन इनमें खूब देखने को मिल रहे है और ये कार निर्माता कंपनियों की पहली पसंद बने हुए हैं। जबकि 4-सिलेंडर इंजन भी उपलब्ध हैं। अब सवाल ये है कि आखिर देश में तेजी से क्यों लोकप्रिय हो रहे हैं ये इंजन और क्या सच में ये बेहतर हैं ? या सिर्फ लोगों को मार्केटिंग के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। यहां हम आपको 3-सिलेंडर इंजन के फायदे और कमियों के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं। अगर आप एक 3 सिलेंडर इंजन वाली गाड़ी खरीदने जा रहे हैं तो इस रिपोर्ट पर गौर जरूर करें...
3 सिलेंडर इंजन के फायदे
1. ज्यादा माइलेज
जिन कारों में 3 सिलेंडर इंजन होते हैं उनकी माइलेज भी बेहतर होती है। दरअसल जितने कम सिलेंडर होंगे, इंजन भी उतना ही हल्का होगा। अब ऐसे में कंपनी को कार के ओवरऑल वजन को सेविंग करने में काफी मदद मिलती है। इससे माइलेज बढ़ जाता है क्योंकि कम लोड के चक्कर में फ्यूल की भी खपत कम होती है।
2. ज्यादा पावर
3 सिलेंडर इंजन दूसरा फायदा ये भी है कि छोटे इंजन की परफॉरमेंस थोड़ी ज्यादा ही होती है। इतना ही नहीं टर्बो-चार्ज तकनीक की मदद से पावर को बढ़ाया जा सकता है। आजकल महंगी कारों में भी यही इंजन देखने को मिल रहे हैं। टर्बो-चार्ज्ड इंजन की ख़ास बात ये है कि इससे फन टू ड्राइव का मज़ा मिलता है। 3 सिलेंडर इंजन कम पावर और टॉर्क उत्पन्न करते हैं और खासकर हाई rpm पर।
4. कम कीमत
4 सिलेंडर इंजन कारों की तुलना में 3 सिलेंडर इंजन वाली कारों की कीमत कम होती है। क्योंकि मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट कम लगती है। इसके अलावा 3 सिलेंडर इंजन वाली कारों मेंटेनेंस भी कम आती है और सर्विस चार्ज भी कम लगता है जिसकी वजह से हर सर्विस पर आपके काफी पैसे बच जाते हैं।
4 सिलेंडर इंजन की तुलना में 3-सिलेंडर इंजन में आपको स्मूथ परफॉरमेंस नहीं मिलेगी क्योंकि इंजन में जितने कम सिलेंडर होंगे वाइब्रेशन उतनी ही ज्यादा होगी। 3-सिलेंडर इंजन में पावर कम मिलती है, और ज्यादा पावर बढ़ाने के लिए कंपनियां टर्बो चार्जर का इस्तेमाल करती हैं।
2. बढ़ेगी डिमांड
आने वाले सालों में छोटे इंजन वाली कारों की डिमांड बढ़ेगी क्योंकि कीमत कम होगी और माइलेज बेहतर मिलेगी। इतना ही नहीं सर्विस का खर्च भी कम आएगा। हर साल इंश्योरेंस लेने पर भी पैसे की भी बचत होगी।