Shani Gochar 2024: नवग्रहों में से एक शनि को ज्योतिष में खास स्थान प्राप्त है। शनि दास्य वृत्ति के कारक ग्रह हैं, जो दुख, शोक, बीमारी, दरिद्रता और मृत्यु आदि के दाता हैं। वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, शनि प्रत्येक राशि में करीब ढाई साल तक विराजमान रहते हैं। इसलिए एक राशि चक्र पूरा करने में शनि को 30 साल का लंबा वक्त लगता है। माना जाता है कि शनि जिस राशि में मौजूद होते हैं, उस राशि के अलावा उससे पहले और बाद वाली राशि को शनि की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
चलिए अब जानते हैं साल 2024 में शनि ने कब-कब राशि, नक्षत्र, वक्री और मार्गी चाल चली है। साथ ही आपको उन तीन राशियों के बारे में भी पता चलेगा, जिन्हें साल 2024 में शनि की विशेष कृपा प्राप्त हुई है।
शनि नक्षत्र परिवर्तन 2024
- 6 अप्रैल 2024, दिन शनिवार को दोपहर 03 बजकर 55 मिनट पर शनि ने पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर किया था।
- 6 अप्रैल के बाद 3 अक्टूबर 2024, दिन बृहस्पतिवार को प्रात: काल 12 बजकर 10 मिनट पर शनि ने शतभिषा नक्षत्र में गोचर किया था।
- साल 2024 खत्म होने से पहले 27 दिसंबर, दिन शुक्रवार को देर रात 10 बजकर 42 मिनट पर शनि पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे।
शनि गोचर 2024
साल 2024 में शनि का राशि परिवर्तन नहीं हुआ है।
शनि वक्री 2024
30 जून 2024, दिन रविवार को प्रातः काल 12 बजकर 35 मिनट पर शनि अपनी स्वराशि कुंभ में वक्री हुए थे, जो 15 नवंबर 2024 तक इसी अवस्था में थे। साल 2024 में शनि देव करीब 139 दिनों तक वक्री रहे थे।
शनि मार्गी 2024
15 नवंबर 2024, दिन शुक्रवार को शाम में 07:51 मिनट पर शनि अपनी स्वराशि कुंभ में मार्गी हुए थे। 29 मार्च 2025 तक शनि देव कुंभ राशि में ही विराजमान रहेंगे।
राशियों पर प्रभाव
शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। इसलिए इन दोनों राशि के लोगों को सबसे ज्यादा शनि की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शनि की कृपा से कुंभ और मकर राशि के जातकों को धन, प्रसिद्धि और जीवन के सभी सुख मिलते हैं। कुंभ और मकर राशि के अलावा तुला राशि को भी शनि देव की सबसे प्रिय राशि माना जाता है।
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, साल 2024 में कुंभ, मकर और तुला राशि के लोगों को शनि की विशेष कृपा प्राप्त हुई है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।