Numerology Prediction: शनि ग्रह मूलांक 8 के वमी ग्रह हैं. वे जुलाई महीने की 27 तारीख से वक्री हो रहे हैं. पंचांग के अनुसार, कर्मफल स्वामी न्यायाधीश 11 दिसंबर तक यानी कुल 138 दिनों तक वक्री अवस्था में टेढ़ी चाल चलेंगे. शनि ग्रह वक्री होना अनेक मूलांक वालों के लिए शुभ है, तो कुछ मूलांक के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रह सकता है. अंक ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वक्री शनि के प्रभाव से मूलांक 2, 4, और 7 के जातकों के लिए चुनौतियां और मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इन मूलांक वालों पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है. ऐसे में मानसिक संतुलन, आर्थिक फैसलों और रिश्तों को लेकर सतर्क रहना जरूरी होगा. आइए जानते हैं, ये मूलांक कौन-से हैं और शनि के दुष्प्रभावों से बचने के लिए राहत के कौन से उपाय करने चाहिए?
शनि वक्री चाल का मूलांकों पर असर
मूलांक 2
जन्म तारीख: 2, 11, 20 और 29
अंक ज्योतिष में, मूलांक 2 का संबंध चंद्रमा से है. वक्री शनि के दौरान मन बार-बार उलझ सकता है. छोटी बात भी तनाव दे सकती है. माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है. घर में मतभेद उभर सकते हैं. ऑफिस में भावुक होकर फैसला लेने से नुकसान हो सकता है. किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें. धैर्य और संतुलित व्यवहार इस समय सबसे ज्यादा काम आएगा.
मूलांक 4
जन्म तारीख: 4, 13, 22 और 31
शनि के वक्री होने के दौरान राहु के प्रभाव वाला यह मूलांक अचानक बदलाव का सामना कर सकता है. बनते काम अटक सकते हैं. बिजनेस में आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है. सरकारी कामों में देरी हो सकती है. कानूनी मामलों में लापरवाही भारी पड़ सकती है. विरोधी सक्रिय रह सकते हैं. पैरों, हड्डियों या जोड़ों से जुड़ी परेशानी भी सामने आ सकती है. हर दस्तावेज अच्छी तरह जांचकर ही आगे बढ़ें.
मूलांक 7
जन्म तारीख: 7, 16 और 25
अंक ज्योतिष में, मूलांक 7 के स्वामी केतु हैं. वक्री शनि के दौरान रिश्तों में दूरी बढ़ सकती है. लाइफ पार्टनर और बिजनेस पार्टनर के साथ गलतफहमी हो सकती है. करियर को लेकर असमंजस बना रहेगा. नौकरी बदलने का फैसला जल्दबाजी में न लें. अचानक खर्च बढ़ सकते हैं. पुरानी बचत भी जरूरी कामों में निकल सकती है. सोच-समझकर लिए गए फैसले ही आगे फायदा देंगे.
करें ये असरदार उपाय
- प्रत्येक शनिवार को “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें.
- छाया दान करें यानी एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और उसे किसी जरूरतमंद को दान कर दें.
- अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों, सफाई करने वाले और गरीब लोगों को कभी अपशब्द न बोलें
- शनिवार को काली उड़द की दाल, काले तिल या काले कपड़े का दान करें.
- नित्य शाम को हनुमान चालीसा का पाठ करें.
- शनिवार को गरीबों को भोजन कराएं.
- अपने क्रोध और वाणी पर कंट्रोल रखें.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.