Sankashti Chaturthi 2023: प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी (संकष्टी चतुर्थी तथा विनायक चतुर्थी) को गजानन गणेश के अलग-अलग रूपों की आराधना की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार उनके ये स्वरूप भक्तों के समस्त कष्टों को हरने वाले हैं। तंत्र शास्त्रों में इस दिन गणेश जी की पूजा कर उनके कुछ तांत्रिक उपाय (Ganesh ji ke Totke) करने का विधान बताया गया है। ये उपाय करने में बहुत ही आसान है और तुरंत लाभ देते हैं।
इस माह संकष्टी चतुर्थी 11 मार्च 2023 (शनिवार) के दिन आ रही है। आप भी इस दिन गणेशजी के इन उपायों को करके अपना भाग्य बदल सकते हैं। जानिए संकष्टी चतुर्थी की तिथी और गणेश जी के कुछ शक्तिशाली तांत्रिक उपायों के बारे में
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कब है संकष्टी चतुर्थी व्रत और पूजा मुहूर्त (Sankashti Chaturthi 2023 Date and Muhurat)
ज्योतिषियों के अनुसार संकष्टी चतुर्थी 11 मार्च 2023 (शनिवार) को रात्रि 10.05 बजे तक रहेगी। इस दिन सुबह 8.10 बजे से 9.39 बजे तक शुभ का एवं दोपहर में 3.35 बजे से 5.04 बजे तक अमृत का चौघड़िया रहेगा। रात्रि 9.35 बजे से अर्द्धरात्रि बाद 12.37 बजे तक क्रमश: शुभ एवं अमृत का चौघड़िया रहेगा। इन मुहूर्तों में शनिवार को कभी भी गणेश जी की पूजा की जा सकती है।
संकष्टी चतुर्थी पर करें गणेश जी के ये उपाय (Ganesh ji ke Upay)
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- संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi) पर सुबह जल्दी उठ कर ब्रह्म मुहूर्त में भी गणेशजी को गेंदे का पुष्प चढ़ा कर बेसन अथवा मूंग के लड्डू और गुड़ का नैवेद्य चढ़ाएं। ऐसा करने से व्यक्ति पर अचानक आने वाले कष्ट समाप्त हो जाते हैं।
- स्वयं का खरीदने के इच्छुक लोगों का संकष्टी चतुर्थी के दिन से श्रीगणेश पंचरत्न स्रोत का पाठ करना आरंभ करना चाहिए। इसे प्रतिदिन करते रहने से जल्दी ही व्यक्ति अपना स्वयं का घर खरीद लेता है।
- जिन लोगों को अपार धन पाने की इच्छा है, उन्हें संकष्टी चतुर्थी के दिन गणपति की पूजा कर उनके तांत्रिक मंत्र ‘ॐ श्रीं ॐह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः’ की 11 माला जप करना चाहिए। इसके बाद रोजाना इस मंत्र की एक माला जप करें। जल्दी ही आय के नए स्रोत बनेंगे और घर में पैसा आने लगेगा।
- भगवान विनायक को प्रसन्न करने के लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन शमी वृक्ष (खेजड़ी) का पूजन करना चाहिए। साथ ही गणेश जी के मंदिर में जाकर उन्हें शमी वृक्ष के पत्ते भी अर्पित करें। इस उपाय को करने से भक्तों को बल, बुद्धि, विद्या और धन की प्राप्ति होती है।
- संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत करें और उनके प्रिय तंत्रोक्त मंत्र ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा’ का 11 माला जप करें। इसके बाद उनसे अपने कष्ट दूर करने की प्रार्थना करें। कुछ ही दिनों में भक्तों के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष के ज्ञान पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। news24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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