गाय का दूध
पितृ पक्ष के दौकान श्राद्ध-कर्म में गाय का घी, दूध या दही का इस्तेमाल करना शुभ माना गया है। हालांकि इसमें इस बात का ध्यान रखना होता है कि गाय को बच्चा हुए दस दिन से अधिक हो गए हों। दस दिन के अंदर बछड़े को जन्म देने वाली गाय के दूध का उपयोग श्राद्ध कर्म में नहीं करना चाहिए। यह भी पढ़ें: पितृ पक्ष में रोजाना करें इस स्तोत्र और कवच का पाठ, पूर्वज हर समय करेंगे आपकी रक्षाचांदी के बर्तन
शास्त्रों में बताया गया है कि पितृ-पक्ष में अपनी क्षमता के अनुसार चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसे में अगर किसी के पास सभी बर्तन ना हो तो कम से कम चांदी के गिलास में पानी जरूर देना चाहिए। पौराणिक मान्यता है कि पितृ पक्ष में चांदी के बर्तन में पानी देने से पितरों को अक्षय तृप्ति प्राप्त होती है। भोजन के बर्तन भी चांदी के हों तो और भी अच्छा है।पितृ तर्पण में इस्तेमाल की जाने वाली चीजें
पितृप क्ष में श्राद्ध की सामग्रियों में कुछ चीजों का होना बेहद जरूरी है। ऐसे में पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों का तर्पण करने वालों को गंगाजल, दूध, शहद, कुश और तिल का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। ध्यान रहे कि पितृ तर्पण में सफेद तिल का खास महत्व है। ऐसे में पितृ तर्पण में इसका इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। यह भी पढ़ें: Pitru Paksha 2023 Day 1- पितृ पक्ष के पहले दिन अपने पूर्वजों का ऐसे करें श्राद्ध, जानें तर्पण की संपूर्ण विधि और मंत्र
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।