Bhagyank Calculate: डेट ऑफ बर्थ से कैसे निकालें भाग्यांक? जानें मूलांक से कितना है अलग

How To Calculate Bhagyank & Mulank In Numerology: क्या आपको भी अपना मूलांक और भाग्यांक नहीं पता है? क्या आप भी मूलांक और भाग्यांक के बीच अंतर नहीं कर पाते हैं? यदि हां, तो यहां पर आप जान पाएंगे की डेट ऑफ बर्थ से मूलांक और भाग्यांक कैसे निकाला जाता है. साथ ही इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में आपको पता चलेगा.

Numerology

Credit- AI Gemini

How To Calculate Bhagyank & Mulank In Numerology: अंक ज्योतिष शास्त्र के बारे में तो कभी न कभी आपने सुना ही होगा, जिसमें अंकों की मदद से व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य के बारे में जाना जाता है. खासकर, मूलांक और भाग्यांक से व्यक्ति के गुप्त राज खोले जाते हैं. हालांकि, मूलांक और भाग्यांक को लेकर अधिकतर लोगों के मन में कंफ्यूजन रहती है. जहां कुछ लोग इन दोनों को एक समझते हैं, वहीं कई लोग इनके बीच का अंतर ही समझ नहीं पाते हैं. हालांकि, आज यहां पर आप भाग्यांक और मूलांक के बीच का अंतर जानेंगे. साथ ही ये पता चलेगा की डेट ऑफ बर्थ से कैसे भाग्यांक निकाला जाता है.

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मूलांक क्या है और उसे कैसे जानें?

बता दें कि अंक ज्योतिष शास्त्र में डेट ऑफ बर्थ को ही मूलांक कहा जाता है. यदि किसी व्यक्ति की डेट ऑफ बर्थ 1 है तो उसका मूलांक भी 1 ही है. वहीं, जिन लोगों की डेट ऑफ बर्थ में दो नंबर होते हैं, उन्हें अपनी जन्म तिथि को जोड़कर सिंगल डिजिट में लाना होता है, जो कि उनका मूलांक होता है. जैसे किसी व्यक्ति की डेट ऑफ बर्थ 11 है तो सबसे पहले 1 और 1 को जोड़ (1+1= 2) लें और सिंगल डिजिट (2) में ले आएं. डेट ऑफ बर्थ को जोड़कर जो एक सिंगल डिजिट आएगी, वो ही व्यक्ति का मूलांक होगा. इसी तरह डेट ऑफ बर्थ 11 वालों का मूलांक 2 है.

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भाग्यांक क्या है और उसे कैसे Calculate करें?

अंक ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि व्यक्ति की जन्म तिथि के समूह से आई सिंगल डिजिट ही भाग्यांक होती है. यदि किसी व्यक्ति की डेट ऑफ बर्थ 17:07:2002 है तो भाग्यांक निकालने के लिए सभी डिजिट (1+7+0+7+2+0+0+2 = 19) को जोड़ लें. अब जो अंक (19) आया है उसे जोड़कर (1+9 = 10 & 1+0 = 1) सिंगल डिजिट (1) में ले आएं. सिंगल डिजिट में जो नंबर आया है, व्यक्ति का वो ही भाग्यांक होगा. जैसे कि 17:07:2002 डेट ऑफ बर्थ वाले व्यक्ति का भाग्यांक 1 है.

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मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है?

मूलांक की मदद से व्यक्ति के स्वभाव, सोच और आदतों के बारे में पता चलता है, जबकि भाग्यांक जीवन के उद्देश्य और दिशा को दर्शाता है. इसके अलावा मूलांक ये बता सकता है कि व्यक्ति परिस्थितियों में कैसा बर्ताव करेंगे, जबकि भाग्यांक बताता है कि मनुष्य को किस क्षेत्र में आसानी से कामयाबी मिल सकती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी अंक ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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