मातृ नवमी कब है?
- नवमी तिथि का प्रारंभ - 7 अक्टूबर, सुबह 08 बजकर 09 मिनट शुरू
- नवमी तिथि का समापन - 8 अक्टूबर, सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक
मातृ नवमी 2023 श्राद्ध विधि
पितृ पक्ष की नवमी तिथि के दिन सुबह सवेरे उठें और स्नानादि के बाद साफ-सुथरे सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद दक्षिण दिशा में एक चौकी रखकर उस पर सफेद रंग का आसन बिछाएं। इसके बाद चौकी पर अपने मृत परिजन (माता, दादी, बहन) की फोटो रखकर इस पर फूल माला अर्पित करें। इतना करने के बाद उनकी तस्वीर से सामने तिल के तेल का दीपक जलाएं। फिर अपने पूर्वजों की तस्वीर पर गंगाजल और तुलसी अर्पित करें। इसके बाद विधि पूर्वक तर्पण और दान कर्म करें। पितृ तर्पण के बाद अपने पितरों के निमित्त पंचबली (भोजन) निकालें। पंचबली के अन्तर्गत 5 जीवों के निमित्त भोजन निकाला जाता है। यानी इस दिन गाय, कौआ, चींटी, चिड़िया और ब्राह्मण के लिए भोजन निकालें। यह भी पढ़ें: Sarva Pitru Amavasya 2023: पितरों की मृत्यु तिथि नहीं है याद तो कब करें पूर्वजों का श्राद्ध? जानें सबकुछ
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।