Lucky Gemstone: मूंगा या रेड कोरल (Red Coral) एक अद्भुत समुद्री रत्न है, जो गहरे समुद्र में रहने वाले छोटे-छोटे जीवों से बनता है. यह रत्न लाल, ऑक्स ब्लड (गहरा लाल), नारंगी और कभी-कभी गुलाबी या सफेद रंग में मिलता है. इसकी चमक और प्राकृतिक धारियां इसे विशेष बनाती हैं. ज्योतिष शास्त्र में मूंगा धन, शक्ति और साहस का प्रतीक माना गया है.
किस ग्रह का रत्न है मूंगा?
मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है. मंगल को ऊर्जा, साहस और भूमि का कारक माना जाता है. यही वजह है कि इसे पहनने से जमीन, मकान, वाहन और संपत्ति में लाभ होता है. मंगल की शक्ति मजबूत करने से निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और आर्थिक स्थिरता आती है.
मूंगा पहनने के प्रमुख लाभ
भूमि और संपत्ति: मूंगा पहनने से जमीन, मकान और वाहन संबंधी अड़चनें दूर होती हैं.
व्यवसायिक वृद्धि: रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग में सफलता मिलती है.
आर्थिक स्थिरता: धन की वृद्धि होती है और जोखिम कम होते हैं.
साहस और आत्मविश्वास: बड़े निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है.
शारीरिक लाभ: रक्त संचार बेहतर होता है, त्वचा रोग कम होते हैं और चोटों से सुरक्षा मिलती है.
मानसिक लाभ: भय और क्रोध कम होते हैं, मानसिक शक्ति और इच्छाशक्ति मजबूत होती है.
कौन पहन सकता है मूंगा
मूंगा उन लोगों के लिए खास लाभकारी है जिनकी कुंडली में मंगल कमजोर या नीच स्थान पर हो. विशेष रूप से मेष और वृश्चिक राशि वाले इसका लाभ उठा सकते हैं. इसके अलावा सिंह, धनु और मीन लग्न वाले जातक भी इसे धारण कर सकते हैं.
मूंगा धारण करने का सही तरीका
धातु और अंगुली: इसे तांबे या सोने की अंगूठी में, अनामिका अंगुली में पहनना चाहिए.
दिन और समय: मूंगा को मंगलवार को सुबह या दोपहर में धारण करना श्रेष्ठ है.
शुद्धिकरण: पहनने से पहले गंगाजल से शुद्ध कर मूंगा को हनुमान जी को अर्पित करना चाहिए.
मूंगा पहनते समय सावधानियां
मूंगा पहनते समय हीरा, पन्ना या नीलम साथ में न पहनें. यदि मंगल कुंडली में अशुभ स्थिति में हो तो ये रत्न विपरीत प्रभाव भी दे सकते हैं. इसे हमेशा किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह लेकर ही धारण करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.