Kundali Reading Tips: भारत में हर किसी को एक अच्छी नौकरी चाहिए और इसमें भी सरकारी नौकरी लोगों की पहली चाहत है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर व्यक्ति को सरकारी नहीं मिलती है, क्योंकि इसके योग उनकी बर्थ चार्ट यानी कुंडली में नहीं होते हैं. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, उन लोगों की सरकारी नौकरी एकदम पक्की पक्की होती है, जिनकी कुंडली में कुछ विशेष योग का संयोग होता हैं. आइए कुंडली रीडिंग के आसान टिप्स से जानते हैं, क्या हैं सरकारी नौकरी के ज्योतिषीय योग?
कुंडली में सरकारी नौकरी पाने के योग
सूर्य की स्थिति
सूर्य सरकारी के कारक ग्रह हैं जब वे कुंडली के केंद भाव (लग्न, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव) या त्रिकोण भाव (लग्न, पंचम या नवम भाव) और जब उच्च के यानी मेष राशि में या स्वराशि यानी सिंह में होते हैं, तो व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिलने के प्रबल योग होते हैं.
दशमेश की स्थिति
जब कुंडली में दशमेश यानी दशम भाव के स्वामी केंद्र भाव या त्रिकोण भाव में बैठे होते हैं, तो व्यक्ति को पक्के तौर पर गवर्नमेंट जॉब मिलती है. आपको बता दें कि कुंडली के दसवें घर को कर्म स्थान या कर्म भाव कहा जाता है इसलिए इस भाव की गहराई से रीडिंग की जाती है.
शनि, मंगल और सूर्य का प्रभाव
शनि ग्रह जीवन में अनुशासन और सेवा के कारक हैं. जब ये दशम भाव में होते हैं या सूर्य के साथ युति बनाते हैं, तो व्यक्ति को उच्च पद वाली सरकारी नौकरी मिल सकती हैं. वहीं, मंगल सेना और पुलिस के कारक हैं. जब वे दशम भाव में होते हैं, तो आर्मी और पुलिस जॉब मिलती है.
गुरु का प्रभाव
देवगुरु बृहस्पति का IAS और PCS सेवाओं के लिए बली होना अनिवार्य माना गया है. ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार, जब गुरु कुंडली के दसवें या ग्यारहवें भाव में होते हैं, तो करियर में सफलता और धन के साथ स्थिरता भी मिलती है.
राजयोग का प्रभाव
जब कुंडली के केंद्र भाव और त्रिकोण भाव में किसी भी प्रकार का शुभ संबंध और योग बनता है, तो सरकारी नौकरी पाने में दिक्कत नहीं होती है. इसके अलावा जब कुंडली में रुचक योग, भद्र योग, हंस योग आदि जैसे पंच महापुरुष राजयोग बनते हैं, तो ये सरकारी नौकरी पक्की करते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.