Ketu Gochar 2023: ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु को छाया ग्रह माना गया है। मायावी राहु-केतु का राशि परिवर्तन तकरीबन 18 महीने पर होता है। यानी राहु-केतु डेढ़ साल में गोचर कहते हैं। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 30 अक्टूबर को केतु ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेगा। इस राशि परिवर्तन के बाद से केतु डेढ़ साल तक सूर्य की राशि सिंह में गोचररत रहेगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केतु का यह गोचर कुछ राशि वालों के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है। ऐसे में इस दौरान कुछ राशि के जातकों को इस दौरान आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही नौकरी और रोजगार में भी नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं कि केतु के राशि परिवर्तन की पूरी अवधि में किन राशियों को सतर्क रहना पड़ेगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केतु का यह गोचर वृष राशि वालों के लिए शुभ नहीं है। दरअसल इस दौरान केतु के अशुभ प्रभाव से लव लाइफ में तकलीफ उठानी पड़ सकती है। इसके साथ ही इस अवधि में संतान से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक तनाव रहेगा। आर्थिक नुकसान के संकेत हैं। ऐसे में केतु गोचर की अवधि में आपको बेहद सतर्क रहने की जरुरत होगी।
कर्क राशि वालों के लिए अक्टूबर में होने वाला केतु का गोचर बेहद अशुभ माना जा रहा है। इस दौरान नौकरी और व्यापार में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। परिवार की आर्थिक स्थिति अनुकूल नहीं रहेगी। यात्रा के धन हानि का संकेत है। इस दौरान निवेश को लेकर भी सावधान रहें। दरअसल निवेश से आर्थिक नुकसान हो सकता है। कर्ज इत्यादि की समस्या के परेशान रहेंगे। परिवार में छोटी-छोटी बातों पर भी कलह हो सकती है। ऐसे में इस दौरान पारिवारिक मसले पर बेहद सतर्क रहना होगा।
तुला राशि
केतु का गोचर तुला राशि वालों के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता। दरअसल इस दौरान आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित हो सकता है। दांपत्यजीवन में उथल-पुथल की स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में इस दौरान जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें। फिजूलखर्ची से परेशान रहेंगे। बढ़ते खर्च की वजह से मानसिक तनाव रहेगा। इसके अलावा इस दौरान सेहत से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।