Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: सनातन धर्म के लोगों के लिए सावन पुत्रदा एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। इस पावन दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करना शुभ माना जाता है। साथ ही व्रत रखने से भी पुण्य फल की प्राप्ति होती है। यह व्रत सावन के दिनों में आता है, ऐसे में इस दिन विष्णु जी के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा करना भी अतिशुभ माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार सावन में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ बृहस्पति 15 अगस्त को सुबह 10:26 मिनट से हो गया है, जिसका समापन अगले दिन 16 अगस्त को सुबह 09:39 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत आज यानी 16 अगस्त 2024 को रखा जाएगा।
आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको सावन पुत्रदा एकादशी के दिन के कुछ खास उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं। इन उपायों से आपको अपनी विभिन्न परेशानियों से तो छुटकारा मिल जाएगा ही। इसी के साथ आपके घर-परिवार में खुशी का वातावरण बना रहेगा।
सावन पुत्रदा एकादशी के उपाय
- मेष राशि के लोग यदि आज छात्रों को शिक्षा से जुड़ा सामान बाटेंगे, तो उन्हें विशेष फल की प्राप्ति हो सकती है।
- वृषभ राशि के लोगों के लिए आज गणेश जी पूजा करने के बाद उन्हें पीले फूल चढ़ाना शुभ रहेगा।
- मिथुन राशि के लोग यदि आज काले कुत्ते को रोटी खिलाते हैं, तो उनका दिन यादगार रह सकता है।
- कर्क राशि के लोगों के लिए जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाना शुभ रहेगा।
- छोटी कन्याओं को वस्त्र का दान करना सिंह राशि के लोगों के लिए आज शुभ रहेगा।
- दुर्गा मंदिर में घी का दीपक जलाना आज कन्या राशि के लोगों के लिए अतिशुभ रहेगा।
- तुला राशि के लोग यदि अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेकर घर से बाहर जाते हैं, तो उनका दिन खास रह सकता है।
- वृश्चिक राशि के लोगों के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभदायक रहेगा।
- पानी में गंगाजल डालकर स्नान करना धनु राशि के लोगों के लिए आज अच्छा रहेगा।
- मकर राशि के लोगों के लिए बहते जल में तांबे का सिक्का डालना शुभ रहेगा।
- कुत्ते को दूध और रोटी खिलाना कुंभ राशि के लोगों के लिए आज अच्छा रहेगा।
- मीन राशि के लोग यदि आज चींटियों को आटा डालते हैं, तो इससे उनका दिन खास बन सकता है।
एकादशी के दिन चावल क्यों नहीं खाना चाहिए?
सावन पुत्रदा एकादशी के दिन चावल खाने से बचना चाहिए। दरअसल, चावल में जल तत्व की मात्रा अधिक होती है और चावल की खेती भी जल से ही होती है। ऐसे में चावल खाने से शरीर में जल की मात्रा बढ़ती है, जिससे मन विचलित और चंचल होता है। जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं, वो यदि चावल खाते हैं, तो इससे उनकी एक्रागता भंग हो जाती है। केवल इसी वजह से सावन पुत्रदा एकादशी के दिन चावल खाने की मनाही होती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।