Jyotish Shastra: क्या मंदिर में गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति को रखना है अशुभ? जानें धार्मिक मान्यता

Puja Ghar Ke Niyam: भगवान गणेश को ज्ञान और बुद्धि का देवता कहा जाता है। वहीं माता लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है। इसलिए घर में गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति को साथ में रखने से परिवार में खुशहाली बनी रहती है। लेकिन मंदिर में गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति को स्थापित करने के कुछ नियम होते हैं, जिनके बारे में आज हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं।

Lakshmi Ganesh Puja

Puja Ghar Ke Niyam: सनातन धर्म के लोगों की देवी-देवताओं की मूर्तियों से खास आस्था जुड़ी होती है। माना जाता है कि घर में भगवान की मूर्तियों को स्थापित करना और नियमित रूप से उनकी पूजा करने से घर-परिवार में खुशहाली आती है। घरवालों के ऊपर सदा देवी-देवताओं का आशीर्वाद रहता है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि, धन-धान्य और शांति का सदा वास रहता है। हालांकि कुछ खास दिन देवी-देवताओं की पूजा करना और उनकी मूर्तियों को घर लाना अतिशुभ माना जाता है। दिवाली पर घर में भगवान गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्तियों को खासतौर पर लाया जाता है और उनकी विधिपूर्वक पूजा की जाती है।

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हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि घर में गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति को ज्यादा समय के लिए नहीं रखना चाहिए। इससे घर का वास्तु खराब होता है और घरवालों के जीवन में एक के बाद एक परेशानियां आने लगती हैं। वहीं कुछ लोग इसे सिर्फ एक मिथ मानते हैं। यदि आप भी इसी सवाल को लेकर परेशान हैं, तो चलिए आपकी कन्फ्यूजन को दूर करते हैं। आज हम आपको पूजा घर में गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति को रखने से जुड़े नियमों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

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मूर्ति को घर में नहीं रखना चाहिए?

मान्यता के अनुसार, दीपावली के दिन मिट्टी से बने भगवान गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्ति को घर लाना शुभ होता है। लेकिन उन्हें दीवाली के बाद घर में नहीं रखना चाहिए। दीवाली के कुछ दिन बाद ही उन्हें ठंडे पानी में प्रवाहित कर देना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा 45 दिन, लेकिन इससे ज्यादा समय तक मिट्टी के भगवान गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्ति को घर में नहीं रखना चाहिए। हालांकि दीपावली के अलावा यदि आप किसी और दिन अपने घर में  गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति को लेकर आते हैं, तो उसे आप घर में हमेशा के लिए रख सकते हैं।

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किस दिशा में रखनी चाहिए मूर्ति?

घर की उत्तर पूर्व दिशा या पश्चिम दिशा में ही केवल गणेश जी की मूर्ति रखनी चाहिए। ये दोनों ही स्थान पूजा-पाठ और मंदिर के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं। वहीं जिन लोगों के घर की दक्षिण में बुद्धि के देवता की मूर्ति रखी होती है, वहां कभी भी शांति नहीं रहती है। इसके अलावा टॉयलेट, बेडरूम, रसोई और गैरेज के आसपास भी गणेश जी की मूर्ति को नहीं रखना चाहिए। इससे घर में नकारात्मकता का वास होता है।

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किस दिशा में रखनी चाहिए मां लक्ष्मी की मूर्ति?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर के उत्तर पूर्व दिशा या उत्तर पश्चिम दिशा में धन की देवी मां लक्ष्मी की मूर्ति को रखने से रखने से घर में सुख-समृद्धि और वैभव का वास होता है। वहीं जिस घर की दक्षिण दिशा में मां लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति रखी होती है, उन्हें सदा पैसों की कमी का सामना करना पड़ता है।

मंदिर में कौन-से रंग की लाइट नहीं लगानी चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मौजूद मंदिर में कभी भी रंग बिरंगी लाइट नहीं लगानी चाहिए। इससे पांचों तत्व का संतुलन नहीं बन पाता है, जिसके कारण घरवालों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंदिर में हमेशा हल्के कलर या सफेद रंग की लाइट लगानी चाहिए। सफेद रंग की लाइट लगाने से घर में शांति बनी रहती है। साथ ही वातावरण खुशनुमा और ठंडा रहता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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