Guru Vakri: साल 2025 में 84 दिनों तक उल्टी चाल चलेंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 5 राशियों के फिरेंगे दिन!

Guru Vakri: देवगुरु बृहस्पति साल 2025 में 84 दिनों तक उल्टी चाल चलेंगे और इसका 2025 में पांच राशियों पर सकारात्मक प्रभाव रहेगा। इन राशियों के जातकों के दिन फिर सकते हैं। यह समय इनके लिए आर्थिक, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति का सिद्ध हो सकता है। आइए जानते हैं, ये 5 भाग्यशाली राशियां कौन-सी हैं?

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Guru Vakri: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, सूर्य, चंद्रमा, राहु और केतु को छोड़कर नवग्रहों के शेष सभी ग्रह यानी बृहस्पति, बुध, शुक्र, मंगल और शनि एक निश्चित समय पर वक्री और मार्गी होते रहते है। वैदिक ज्योतिष की गणितीय गणना के मुताबिक साल 2025 में ग्रहों और देवताओं के गुरु माने गए बृहस्पति ग्रह कुल 84 दिनों तक वक्री अवस्था में उल्टी चाल चलेंगे। बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, धर्म, धन, शिक्षा, विवाह, संतान और सौभाग्य के कारक माने गए हैं। अपनी वक्री अवधि के दौरान बृहस्पति की उल्टी चाल का असर राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूप से पड़ सकता है, जबकि कुछ राशि के जातकों के लिए यह आत्मनिरीक्षण और सुधार का अवसर लेकर आ सकता है।

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कब से कब तक वक्री रहेंगे गुरु?

वैदिक ज्योतिष की गणना के अनुसार, ग्रहों में सबसे शुभ माने गए बृहस्पति ग्रह वर्तमान में वृषभ राशि में स्थित हैं और वक्री अवस्था में गोचर कर रहे हैं। साल 2024 में वे 9 अक्टूबर को वक्री हुए थे। वे 119 दिनों तक वक्री स्थिति में उल्टी चाल चलने के बाद 4 फरवरी, 2025 को मार्गी होंगे। गुरु बृहस्पति 11 नवंबर, 2025 को एक बार फिर 120 दिनों के लिए वक्री होंगे। जहां तक साल 2025 में गुरु बृहस्पति के वक्री स्थिति में रहने के दिनों की काउंटिंग बात है, तो गुरु ग्रह इस साल 1 जनवरी से 4 फरवरी तक 35 दिन और 11 नवंबर से 31 दिसंबर, 2025 तक 49 दिन यानी कुल 84 दिनों तक वक्री हालत में रहेंगे।

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वक्री बृहस्पति का राशियों पर सकारात्मक असर

ज्योतिष शास्त्र में वक्री बृहस्पति का प्रभाव बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। यह शुभ ग्रह जब वक्री होते हैं, तो आमतौर पर इसका असर नकारात्मक समझा जाता है, लेकिन ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कुछ विशेष परिस्थितियों और राशियों पर इसका सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। वक्री अवस्था में बृहस्पति के गुण अधिक बलवान और गहरे हो जाते हैं। साल 2025 में वक्री बृहस्पति का 5 राशियों पर बेहद शुभ प्रभाव पड़ेगा, जिससे इनके दिन फिर सकते हैं।

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वृषभ राशि

धन और संपत्ति में वृद्धि होने से रहन-सहन का लेवल ऊंचा होगा। बृहस्पति की वक्री चाल वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक लाभ और नई संपत्ति प्राप्ति का अवसर प्रदान करेगी। यह समय शिक्षा के क्षेत्र में सफलता का रहेगा। उच्च शिक्षा प्राप्ति के लिए प्रयासरत छात्रों को विशेष लाभ होगा। व्यवसाय में लाभ के प्रबल योग हैं। व्यापार में नई संभावनाएं खुलेंगी, और निवेश लाभकारी साबित होगा। संबंधों में सुधार होगा। पारिवारिक और सामाजिक संबंध मजबूत होंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में प्रगति और सफलता का रहेगा। उच्च पद प्राप्ति के योग बनेंगे। वक्री बृहस्पति आत्मविश्वास बढ़ाएगा और नेतृत्व क्षमता को निखारेगा। धार्मिक गतिविधियों में नई दिशा मिलेगी। आध्यात्मिकता और धर्म के प्रति झुकाव बढ़ेगा, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होगी। वैवाहिक जीवन में सुख के साधन बढ़ेंगे। विवाह संबंधी शुभ समाचार मिल सकता है। दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ेगा।

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वृश्चिक राशि

बृहस्पति की वक्री चाल वृश्चिक राशि के जातकों के लिए धन के प्रवाह को बढ़ाएगी। आय के नए-नए स्रोत बन सकते हैं। इनकम बढ़ने से लाइफस्टाइल बदलेगा। यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है, तो इसमें सुधार होगा। मानसिक शांति बनी रहेगी। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। विदेश में शिक्षा, काम या व्यापार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। संबंधों में मजबूती आएगी। परिवार और मित्रों के साथ संबंध बेहतर होंगे। अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें और किसी भी अवसर को जाने न दें।

मकर राशि

वक्री बृहस्पति मकर राशि के जातकों को करियर में उन्नति और पहचान दिलाएगा। प्रमोशन और नई जिम्मेदारियां मिलने के योग बनेंगे। व्यवसाय और निवेश में लाभ होगा। धन बचत करने में सफलता मिलेगी। अपने समय और ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं।विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिल सकते हैं। धार्मिक यात्राओं या अनुष्ठानों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

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मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बृहस्पति वक्री अवस्था में आध्यात्मिक प्रगति और आत्मज्ञान का मार्ग खोलेगा। अपनी योजनाओं को ठोस रूप देने के लिए यह समय आदर्श है। धन लाभ और पुराने अटके हुए पैसे मिलने की संभावना है। अपनी योजनाओं को गोपनीय रखें और सही समय पर कार्य करें। अविवाहित जातकों के विवाह के योग बन सकते हैं। वैवाहिक जीवन में प्रेम और समर्पण बढ़ेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा, मानसिक और शारीरिक ऊर्जा बढ़ेगी।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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