Chhath puja 2023: छठ महापर्व नहाय-खाय से शुरु हो चुका है। छठ पर्व चार दिनों तक चलने वाला आस्था का प्रतीक होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से नहाय-खाए के साथ ही शुरू हो जाता है। साथ ही पंचमी तिथि वाले दिन खरना होता है और षष्ठी तिथि पर डूबते सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। इसके साथ ही सप्तमी तिथि को उगते सूर्य देव को जल देने से छठ व्रत संपूर्ण हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठ पर्व पर सूर्य भगवान और छठी माता की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म का सबसे कठिन छठ पर्व माना गया है। इस व्रत में उपवास पूरे 36 घंटों तक रखा जाता है। मान्यता है कि जो जातक इस व्रत को विधि-विधान और नियम से रखते हैं उन्हें संतान सुख और जीवन में खुशहाली प्राप्त होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, छठ पर्व के तीसरे दिन सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। साथ ही विधि-विधान से पूजा भी किया जाता है। तो आज इस खबर में बताएंगे कि अलग-अलग शहरों की संध्या अर्घ्य टाईमिंग के बारे में। तो आइए विस्तार से जानते हैं। यह भी पढ़ें-  छठ पूजा में महिलाएं क्यों लगाती हैं भखरा सिंदूर? जानें धार्मिक मान्यता

जानिए छठ पर्व पर संध्या अर्घ्य टाइमिंग

दिल्ली- शाम 5:27 बजे कोलकाता- शाम 5:00 बजे पटना- शाम 5:00 बजे चंडीगढ़- शाम 5:25 बजे कानपुर- शाम 5:28 बजे प्रयागराज- शाम 5:15 बजे हैदराबाद- शाम 5:40 बजे भोपाल- शाम 5:35 बजे भागलपुर-  4:54 बजे लखनऊ- 4:52 बजे गया- शाम 5:02 बजे रांची- शाम 5:03 बजे यह भी पढ़ें- छठ पूजा का प्रसाद क्यों मांगकर खाया जाता है? जानें कारण व महत्व डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।