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Budh Vakri 2026 Date: साल 2026 में 3 बार वक्री होंगे बुध, जानें कब-कब चलेंगे उल्टी चाल और जीवन पर असर

Budh Vakri 2026 Date: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह बुद्धि, संचार और तर्क शक्ति के कारक हैं. 2026 में वे कुल 3 बार वक्री होंगे, लगभग 69 दिनों तक उल्टी चाल चलेंगे. इस दौरान कार्यों में धैर्य और सतर्कता क्यों जरूरी है? आइए जानते हैं, वे कब-कब कितनी अवधि के वक्री होंगे और इसका जीवन पर क्या असर होगा?

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Budh Vakri 2026 Date: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को अत्यंत महत्वपूर्ण और पूजनीय माना गया है, क्योंकि वे बुद्धि, संचार और तर्क शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं. वे व्यक्ति की स्मरण शक्ति, शिक्षा, लेखन, वाणी, व्यापारिक क्षमता, गणितीय कौशल और हास्यबोध से गहन रूप से जुड़े हुए हैं. इसके अतिरिक्त वे तंत्रिका तंत्र और शरीर की त्वचा से भी संबंधित हैं. बुध ग्रह के अधिदेवता भगवान विष्णु हैं. प्रकृति में यह ग्रह सौम्य और शुभ माने जाते हैं, किंतु जिस ग्रह के साथ यह होते हैं, उसके अनुसार अपने फल का देरते हैं. इस दृष्टि से, बुध एक तटस्थ ग्रह कहलाते हैं.

वक्री बुध

बुध दो राशियों के स्वामी हैं- मिथुन और कन्या. कन्या में यह उच्च स्थान पर विराजमान रहते हैं, जबकि मीन में नीच माने जाते हैं. यह ग्रह व्यक्ति की बोलने और सोचने की क्षमता, तार्किक निर्णय और सामाजिक संवाद को नियंत्रित करते हैं. ज्योतिष में जब बुध महोदय वक्री होते हैं, तो इसका प्रभाव इन क्षेत्रों पर विशेष रूप से दिखाई देता है. व्यापार, शिक्षा, संचार और मानसिक क्षमता पर इसका प्रभाव अधिक स्पष्ट होता है. वक्री बुध के समय निर्णय लेने, नए कार्य आरंभ करने और महत्वपूर्ण समझौते करने में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

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2026 में कब-कब वक्री होंगे बुध

द्रिक पंचांग के अनुसार, 2026 में बुध ग्रह कुल 3 बार वक्री होंगे और पूरे वर्ष यह लगभग 69 दिनों तक वक्री स्थिति में रहेंगे. इस समय अवधि में बुध महोदय से जुड़े कार्यों में धैर्य, सावधानी और सतर्कता अपनाना अति शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं, बुध कब-कब वक्री होंगे?

बुध की पहली वक्री अवस्था

बुध पहली बार 26 फरवरी, 2026 को 12:17 PM बजे वक्री होंगे और 21 मार्च, 2026 को 01:02 AM बजे मार्गी होंगे. यह वक्री काल लगभग 23 दिनों तक चलेगा. इस समय शिक्षा, तर्क शक्ति और वित्तीय समझौतों में विशेष सावधानी बरतना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा. वहीं, नए कार्य शुरू करने के बजाय यह समय पुरानी योजनाओं की समीक्षा और सुधार के लिए सर्वोत्तम होगा.

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बुध की दूसरी वक्री अवस्था

वर्ष की दूसरी वक्री अवधि 29 जून, 2026 को 11:05 PM बजे शुरू होकर 24 जुलाई, 2026 को 04:27 AM बजे समाप्त होगी, जो लगभग 25 दिनों तक रहेगी. इस दौरान भावनात्मक संचार, संबंध और यात्रा की योजनाओं पर प्रभाव पड़ेगा. पारिवारिक बातचीत में धैर्य रखना और यात्रा दस्तावेज़ व बुकिंग को दोबारा जांचना समझदारी होगी.

बुध की तीसरी वक्री अवस्था

बुध ग्रह की तीसरी वक्री गति 24 अक्टूबर, 2026 को 12:41 PM बजे से प्रारंभ होकर 13 नवम्बर, 2026 को 09:22 PM बजे समाप्त होगी, कुल 21 दिनों तक चलेगी. इस समय व्यापारिक निर्णय, करियर समझौते और तकनीकी उन्नयन प्रभावित हो सकते हैं. इस वक्री अवधि का मुख्य संदेश यही है: जल्दबाजी टालें, पुनरावलोकन करें और अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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