Bhaumvati Amavasya 2023: साल 2023 की आखिरी भौमवती अमावस्या कब, जानें शुभ तिथि, मुहूर्त व महत्व

Bhaumvati Amavasya 2023: हिन्दू पंचांग के अनुसार, साल की आखिरी अमावस्या 12 दिसंबर 2023 दिन मंगलवार को है। इस अमावस्या को भौमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। तो आइए इसके शुभ तिथि, मुहूर्त और महत्व के बारे में जानते हैं।

Bhaumvati Amavasya 2023

Bhaumvati Amavasya 2023

Bhaumvati Amavasya 2023: सनातन धर्म में साल की आखिरी अमावस्या बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह यह अमावस्या मार्गशीर्ष माह में आने वाली अमावस्या है। यह अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ रही है, जिसके कारण बेहद शुभ रहने वाली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब अमावस्या मंगलवार के दिन होती है, तो उसे भौमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है।

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यह अमावस्या साल 2023 की आखिरी अमावस्या है। इस दिन स्नान, दान, तर्पण के साथ हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। साथ ही मंगल देव की पूजा करनी चाहिए। इन दोनों की पूजा करने से जीवन की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं। साथ ही पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। तो आइए आज इस खबर में जानते हैं कि साल की आखिरी भौमवती अमावस्या कब है  साथ ही शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में।

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भौमवती अमावस्या की तिथि  (Bhaumvati Amavasya 2023 Date)

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2023 की आखिरी भौमवती अमावस्या 12 दिसंबर 2023 दिन मंगलवार को है। यह मार्गशीर्ष माह की अमावस्या होगी। मंगलवार को पड़े रहे अमावस्या के दिन पितरों का पूजन किया जाता है। इससे जातक को पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन से अमंगल का नाश होता है।

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भौमवती अमावस्या 2023 की शुभ मुहूर्त

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वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष अमावस्या इस साल 12 दिसंबर 2023 को सुबह 6 बजकर 24 मिनट से शुरू होगी वहीं इसका समापन 13 दिसंबर 2023 को प्रात काल 5 बजकर 1 मिनट पर होगा।

स्नान के लिए शुभ मुहूर्त की बात करें तो सुबह के 5 बजकर 14 मिनट से लेकर 6 बजकर 9 मिनट पर है। वहीं तर्पण के लिए शुभ मुहूर्त सुबह के 11 बजकर 54 मिनट से लेकर दोपहर के 12 बजकर 35 मिनट पर होगा।

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भौमवती अमावस्या का महत्व (Bhaumvati Amavasya Significance)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भौमवती अमावस्या का दिन कर्ज से मुक्ति पाने के लिए बेहद ही खास माना जाता है। मान्यता है कि मंगलवारी अमावस्या के दिन व्रत रखने से सूर्य, अग्नि, रूद्र, अष्टवसु, बजरंगबली, अश्विनी कुमार और ऋषि तृप्त हो जाते हैं। इस दिन हनुमान जी का प्रभाव अधिक होता है। मान्यता है कि इस दिन ऋणमोचक मंगल का पाठ करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है।

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डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें। 

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