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ज्योतिष

Aaj Ka Panchang: आज 22 फरवरी को कब तक है भद्रा का साया, जानिए आज के पंचांग का शुभ समय और राहु काल

Aaj Ka Panchang 22 february 2025: आज 22 फरवरी को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आइए जानते हैं, 22 फरवरी का पंचांग क्या है, कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने वाला है, किस दिशा में यात्रा करना अशुभ है और आज का राहु काल कब से कब तक है?

Author Edited By : Shyam Nandan Updated: Feb 22, 2025 08:33
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Aaj Ka Panchang 22 february 2025: आज 22 फरवरी, 2025 को फाल्गुन माह का नौवां दिन है यानी आज इस माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज दिनमान यानी दिन की लंबाई 11 घंटे 23 मिनट 08 सेकंड की है, जबकि रात्रिमान 12 घंटे 35 मिनट 54 सेकंड की होगी। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह शिशिर ऋतु है और सूर्य वर्तमान में उत्तरायण होकर गोचर कर रहे हैं।

आइए जानते हैं, 22 फरवरी के पंचांग के पांचों अंग यानी तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की क्या स्थितियां हैं? आज का कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने के योग दर्शा रहा है और आज का राहु काल का समय क्या है?

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आज का पंचांग

तिथि: आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि 01:19 PM तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरु हो जाएगी, जो पूरे दिन और रात रहेगी। नवमी तिथि की स्वामिनी मां दुर्गा हैं और यह एक रिक्ता तिथि है। इस तिथि का स्वभाव आक्रामक होता है। जबकि दशमी एक पूर्णा तिथि है, जिसके स्वामी यम हैं और इस दिन का स्वभाव सौम्य होता है। नवमी की अपेक्षा दशमी एक शुभ तिथि होती है।

नक्षत्र: आज 05:40 PM तक ज्येष्ठा नक्षत्र व्याप्त रहेगी। इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगी। ज्येष्ठा और मूल दोनों ही नक्षत्र शुभ मुहूर्तों में स्वीकृत है, इसलिए यह सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं।

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दिन/वार: आज दिन शनिवार है, जो बजरंग बली हनुमान जी और भगवान शनिदेव की आराधना का विशेष दिन माना गया है।

योग: आज शाम के 11:56 AM तक हर्षण योग व्याप्त रहेगा। इसके बाद वज्र योग का असर कायम रहेगा। हर्षण एक योग शुभ माना गया है, जबकि व्याघात एक अशुभ योग है।

करण: आज के दिन 01:19 PM तक गर करण का प्रभाव रहेगा, इसके बाद तैतिल करण की शुरुआत होगी, जो 23 फरवरी को 01:43 AM तक व्याप्त रहेगी। इसके बाद विष्टि करण आरंभ हो जाएगा।

सूर्य-चंद्र गोचर

आज के पंचाग के उपर्युक्त इन 5 अंगों के साथ ही आज सूर्य और चंद्र गोचर की स्थिति इस प्रकार रहने के योग हैं:

सूर्य गोचर: सूर्य कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं, जो शनि ग्रह के स्वामित्व वाली राशि है।

चन्द्र गोचर: आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में 05:40 PM तक गोचर कर रहे हैं, जिसके स्वामी मंगल ग्रह हैं। इसके बाद वे धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

शुभ-अशुभ काल

आज शुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: 05:12 AM से 06:03 AM

प्रातः सन्ध्या: 05:37 AM से 06:53 AM

अभिजित मुहूर्त: 12:12 PM से 12:58 PM

विजय मुहूर्त: 02:29 PM से 03:14 PM

गोधूलि मुहूर्त: 06:14 PM से 06:39 PM

सायाह्न सन्ध्या: 06:16 PM से 07:32 PM

अमृत काल: 08:13 AM से 09:56 AM

निशिता मुहूर्त: 12:09 AM, फरवरी 23 से 12:59 AM, फरवरी 23

आज अशुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

राहुकाल: आज राहु काल 09:44 AM से 11:09 AM तक रहने का योग है। हिन्दू धर्म में इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने की मनाही है।

यमगंड: 02:00 PM से 03:26 PM

दुर्मुहूर्त काल: 06:53 AM से से 08:24 AM

गुलिक काल: 06:53 AM से 08:19 AM

विष घटी/वर्ज्य काल: 02:01 AM, फरवरी 23 से 03:41 AM, फरवरी 23

भद्रा: 01:43 AM, फरवरी 23 से 06:52 AM, फरवरी 23

22 फरवरी 2025 के पर्व और त्योहार

आज फाल्गुन माह की नवमी तिथि है और दिन शनिवार है। यह दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है और इसे कर्मफल दाता शनिदेव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शनिदेव मनुष्य के अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं, इसलिए इस दिन उनका पूजन एवं व्रत करना अत्यंत लाभकारी होता है।

इसके साथ ही, शनिवार का दिन बजरंगबली हनुमान जी की आराधना के लिए भी शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार, हनुमान जी की भक्ति करने से शनि ग्रह के प्रभाव से उत्पन्न कष्टों से मुक्ति मिलती है। स्वयं शनिदेव ने हनुमान जी को यह वचन दिया था कि जो भी उनकी उपासना करेगा, उसे वे कोई कष्ट नहीं देंगे।

आज की यात्रा टिप्स: आज पूर्व दिशा में दिशाशूल होने के कारण, आपातकाल को छोड़कर आज इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं है।

पंचांग का महत्व

पंचांग केवल तिथियों और त्योहारों का कैलेंडर नहीं, बल्कि जीवन को सफल और समृद्ध बनाने का महत्वपूर्ण मार्गदर्शक है। यह ब्रह्मांड की प्राकृतिक लय और खगोलीय घटनाओं के अनुरूप चलने का सुझाव देता है, ताकि दिन और समय शुभ और बेहतर हो। पंचांग के पांच अंग—वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण—को ध्यान में रखकर महत्वपूर्ण कार्य करने से सफलता और समृद्धि के अवसर बढ़ते हैं।

हिंदू धर्म में विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय शुरुआत, यात्रा आदि शुभ कार्यों को पंचांग के अनुसार करने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। यह निर्णय क्षमता को मजबूत करता है, जिससे जीवन सुव्यवस्थित और उन्नत बनता है। पंचांग का ज्ञान प्रकृति और ब्रह्मांड की ऊर्जा के साथ संतुलन बनाकर जीवन को सकारात्मक बनाता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Edited By

Shyam Nandan

First published on: Feb 22, 2025 08:33 AM

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