Kal Ka Panchang 5 April 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, 5 अप्रैल 2026 के दिन की शुरुआत वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि से होगी, जिसका समापन दोपहर 12 बजे होगा. हालांकि, इसके बाद देर रात तक चतुर्थी तिथि रहने वाली है. इसके अलावा कल 5 अप्रैल 2026 को ही भगवान गणेश को समर्पित विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा. चलिए अब जानते हैं 5 अप्रैल 2026 के पंचांग के बारे में.

सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय और चन्द्रास्त

  • सूर्योदय- सुबह 06 बजकर 07 मिनट पर
  • सूर्यास्त- शाम 06 बजकर 41 मिनट पर
  • चन्द्रोदय- रात 09 बजकर 58 मिनट पर
  • चन्द्रास्त- सुबह 07 बजकर 33 मिनट पर

संवत और चंद्रमास

नक्षत्र

नक्षत्र की बात करें तो दिन की शुरुआत में विशाखा रहेगा, जिसका समापन सुबह 12:07 मिनट पर हो जाएगा. इसके बाद दिन के अंत तक अनुराधा नक्षत्र रहने वाला है.

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5 अप्रैल 2026 का शुभ समय

5 अप्रैल 2026 का अशुभ समय

9 ग्रहों की स्थिति

  • शुक्र ग्रह: मेष राशि में 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को रहेंगे.
  • केतु ग्रह: सिंह राशि में 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को रहेंगे.
  • चंद्र ग्रह: वृश्चिक राशि में 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को गेचर करेंगे.
  • बुध ग्रह और राहु ग्रह: कुंभ राशि में 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को रहेंगे.
  • देवगुरु बृहस्पति (गुरु) ग्रह: मिथुन राशि में 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को रहेंगे.
  • शनि ग्रह, मंगल ग्रह और सूर्य ग्रह: मीन राशि में 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को रहेंगे.

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योग

5 अप्रैल 2026 के दिन की शुरुआत से लेकर दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक वज्र योग रहेगा, जिसके बाद सिद्धि योग बनेगा. हालांकि, इस बीच सुबह 06:07 मिनट पर विडाल योग शुरू होगा, जो सुबह 12:08 मिनट पर समाप्त होगा.

करण

करण की बात करें तो दिन की शुरुआत में विष्टि रहेगा, जो दोपहर 12 बजे समाप्त होगा. हालांकि, इसके बाद अगले दिन की सुबह 01:03 मिनट तक बव करण रहने वाला है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.