Aaj Ka Panchang 16 January 2026: सनातन धर्म के लोगों के लिए देवों के देव महादेव की पूजा का खास महत्व है. मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत, दोनों ही शिव जी को समर्पित हैं, जिनका अपना महत्व है. साल 2026 में 16 जनवरी को मासिक शिवरात्रि पर शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व अपने आप में बढ़ गया है. इसलिए इस दिन आपको व्रत व पूजा जरूर करनी चाहिए. इससे न सिर्फ जीवन में खुशियों का आगमन होगा, बल्कि मनचाही इच्छा पूरी भी हो सकती है. इसके अलावा आज मेरु त्रयोदशी भी है. चलिए अब जानते हैं 16 जनवरी 2026 के पंचांग के बारे में.
तिथि और नक्षत्र
16 जनवरी 2026 के दिन की शुरुआत से लेकर रात 10 से 11 बजे तक माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी रहेगी. बता दें कि दिन के अंत में करीब 2 घंटे तक माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी. इसके अलावा दिनभर मूल नक्षत्र रहने वाला है.
सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय और चन्द्रास्त
- सूर्योदय- सुबह 06:50 मिनट पर
- सूर्यास्त- शाम 06:02 मिनट पर
- चन्द्रोदय- सुबह 05:37 मिनट पर (17 जनवरी 2026)
- चन्द्रास्त- दोपहर 03:51 मिनट पर
संवत और चंद्रमास
नवग्रहों की स्थिति
- राहु ग्रह: कुंभ राशि में 16 जनवरी 2026, वार शुक्रवार को रहने वाले हैं.
- केतु ग्रह: सिंह राशि में 16 जनवरी 2026, वार शुक्रवार को रहने वाले हैं.
- शनि ग्रह: मीन राशि में 16 जनवरी 2026, वार शुक्रवार को रहने वाले हैं.
- बुध ग्रह: धनु राशि में 16 जनवरी 2026, वार शुक्रवार को रहने वाले हैं.
- सूर्य ग्रह और शुक्र ग्रह: मकर राशि में 16 जनवरी 2026, वार शुक्रवार को रहने वाले हैं.
- देवगुरु बृहस्पति (गुरु) ग्रह: मिथुन राशि में 16 जनवरी 2026, वार शुक्रवार को रहने वाले हैं.
- मंगल ग्रह: धनु राशि से निकलकर मकर राशि में 16 जनवरी 2026, वार शुक्रवार को गोचर करेंगे.
- चंद्र ग्रह: वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में 16 जनवरी 2026, वार शुक्रवार को गोचर करेंगे.
16 जनवरी 2026 का शुभ समय
16 जनवरी 2026 का अशुभ समय
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योग
16 जनवरी 2026 के दिन की शुरुआत ध्रुव योग से हुई है, जो देर रात 09 बजे तक रहेगा. ध्रुव योग के बाद व्याघात योग का आरंभ होगा, जो दिन के अंत तक रहने वाला है. इसके अलावा पूरे दिन विडाल योग रहेगा.
करण
शुक्रवार की सुबह गर करण रहेगा, जिसका समापन सुबह 9 से 10 बजे के बीच होगा. गर करण के बाद वणिज करण का आरंभ होगा, जो रात करीब 10 बजे तक रहेगा. वहीं, विष्टि करण दिन के अंत में रहेगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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