Aaj Ka Panchang 1 April 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 के दिन की शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि से होगी, जो सुबह 07:06 मिनट तक रहेगी. इसके बाद दिन के अंत तक पूर्णिमा तिथि रहने वाली है. इसके अलावा कल पंगुनी उथिरम और चैत्र पूर्णिमा का व्रत भी रखा जाएगा, जबकि पूर्णिमा 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी. हालांकि, इस बार 1 अप्रैल को राहुकाल के साथ-साथ करीब 12 घंटे तक भद्रा भी रहने वाली है. ऐसे में पूजा शुभ मुहूर्त या योग में करनी ही शुभ रहेगी.

यहां पर आप पंचांग के जरिए 1 अप्रैल 2026 के शुभ मुहूर्त, योग, राहुकाल, भद्रा, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति आदि के बारे में जान सकते हैं.

---विज्ञापन---

नक्षत्र

नक्षत्र की बात करें तो दिन की शुरुआत में उत्तर फाल्गुनी रहेगा, जिसका समापन दोपहर 04:17 मिनट पर होगा. हालांकि, इसके बाद हस्त नक्षत्र का आरंभ होगा.

---विज्ञापन---

योग

योग की बात करें तो दिन की शुरुआत में वृद्धि रहेगा, जिसका समापन दोपहर 02:50 मिनट पर होगा. हालांकि, इसके बाद दिन के बाद ध्रुव योग रहेगा. वहीं, आडल योग और सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 04:17 से सुबह 06:10 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा विडाल योग और रवि योग सुबह 06:11 मिनट से दोपहर 04:17 मिनट तक रहेगा.

ये भी पढ़ें- Lucky Rashiyan: इन 4 राशियों को मालामाल करेगी मंगल-गुरु की केंद्र दृष्टि, बढ़ेगी बचत और रहेंगे हैप्पी

सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय और चन्द्रास्त

  • सूर्योदय- सुबह 06 बजकर 11 मिनट पर
  • सूर्यास्त- शाम 06 बजकर 39 मिनट पर
  • चन्द्रोदय- शाम 06 बजकर 11 मिनट पर
  • चन्द्रास्त- सुबह 05 बजकर 57 मिनट पर

1 अप्रैल 2026 का शुभ समय

1 अप्रैल 2026 का अशुभ समय

9 ग्रहों की स्थिति

  • चंद्र ग्रह: कन्या राशि में 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को रहेंगे.
  • शुक्र ग्रह: मेष राशि में 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को रहेंगे.
  • केतु ग्रह: सिंह राशि में 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को रहेंगे.
  • शनि ग्रह और सूर्य ग्रह: मीन राशि में 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को रहेंगे.
  • देवगुरु बृहस्पति (गुरु) ग्रह: मिथुन राशि में 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को रहेंगे.
  • बुध ग्रह, राहु ग्रह और मंगल ग्रह: कुंभ राशि में 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को रहेंगे.

संवत और चंद्रमास

करण

करण की बात करें तो दिन की शुरुआत में वणिज रहेगा, जिसका समापन सुबह 07:06 मिनट पर होगा. हालांकि, इसके बाद शाम 07:21 मिनट तक विष्टि करण रहेगा. वहीं, दिन के अंत में बव करण रहेगा.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.