'NATO मेंबरशिप की मांग छोड़ दूंगा, लेकिन...', सीजफायर के लिए जेलेंस्की ने रखीं ये शर्तें, ट्रंप पीस प्लान किया रिजेक्ट

Zelensky Conditions for Ceasfire: यूक्रेन ने ट्रंप पीस प्लान रिजेक्ट कर दिया है और जेलेंस्की का कहना है कि वे नाटो की मेंबरशिप की मांग छोड़ देंगे, लेकिन रूस को यूक्रेन की जरा-सी जमीन नहीं देंगे. अगर रूस को यह शर्त मंजूर है तो शांति वार्ता आगे बढ़ा सकते हैं, नहीं तो जो जैसा चल रहा है, चलने दें. यूक्रेन किसी दबाव में आकर कोई समझौता नहीं करेगा.

Vladimir Putin | Volodymyr Zelensky | Russia Ukraine War

रूस-यूक्रेन में शांति के लिए पुतिन-जेलेंस्की और ट्रंप के बीच त्रिपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है.

विज्ञापन

Russia Ukraine War Update: जर्मनी की राजधानी बर्लिन में अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप की शांति योजना को मानने से इंकार कर दिया है. जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जरेड कुशनर और दूसरे यूरोपीय नेताओं से बातचीत में NATO सदस्यता की मांग छोड़ दी.

लेकिन जेलेंस्की ने रूसी कब्जे वाली डोनबास या क्रिमिया पर दावा छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है. रूस और अमेरिका चाहते हैं कि शांति समझौते की शर्त मानते हुए यूक्रेन डोनबास से खुद पीछे हट जाए, लेकिन यूक्रेन चाहता है कि कोई भी सीजफायर मौजूदा फ्रंट लाइन पर हो और बदले में यूक्रेन को अमेरिका-यूरोप से सुरक्षा की गारंटी मिले.

विज्ञापन

तत्काल प्रभाव से छोड़ी NATO की मांग

बता दें कि रूस और यूक्रेन में सीजफायर के लिए बातचीत की मेजबानी जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज कर रहे हैं. शांति वार्ता में अमेरिका के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जरेड कुशनर हैं. यूरोपीय नेता भी शांति वार्ता का हिस्सा बन सकते हैं. वहीं बैठक में जेलेंस्की ने कहा कि रूस को नाटो की सदस्यता से प्रॉब्लम है. यूक्रेन उनकी इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन करता है.

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन नाटो की सदस्यता की मांग को तत्काल प्रभाव से छोड़ता है, लेकिन यूक्रेन अपना कोई शहर रूस को नहीं देगा. रूस को यूक्रेन की नाटो मेंबरशिप से प्रॉब्लम है तो यूक्रेन अब इसकी डिमांड नहीं करेगा. इसक मतलब यह नहीं कि रूस फायदा उठाए. रूस को जो खटक रहा है, उस बाधा को हटा रहे हैं तो रूस अब यूक्रेन को सहयोग करे.

कानूनी तरीके से मांगी सुरक्षा की गारंटी

जेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षा की गारंटी कानूनी रूप से मिलनी चाहिए. यूक्रेन किसी भी शहर को सौंपने की मांग को अस्वीकार करता है और इस बात की पुख्ता गारंटी चाहता है कि रूस दोबारा हमला नहीं करेगा. क्योंकि रूस जानबूझकर यूक्रेन के बिजली ग्रिडों को निशाना बना रहा है, ताकि सर्दियों के महीनों में नागरिकों को गर्म पानी से वंचित किया जा सके.

विज्ञापन

जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना की एक मांग पूरी करते हैं, बाकी कोई मांग स्वीकार नहीं है. अगर इसके बाद भी रूस हमले करता है तो यूक्रेन भी जवाबी कार्रवाई करेगा. फरवरी 2022 से जंग चल रही है और सिर्फ यूक्रेन ही नहीं, रूस में भी भारी नुकसान उठाया है. यूक्रेन ने अपनी मंशा बता दी, अब फैसला रूस और पुतिन करें.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ