Xi Jinping In White House: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन और अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक रिश्तों की अपील की है. वाशिंगटन की अपनी तीन दिन की सरकारी यात्रा शुरू करते हुए उन्होंने अमेरिकी कंपनियों से चीनी बाजार में अपना निवेश बढ़ाने को कहा. ये बयान उन्होंने व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के सामने दिया.
‘पार्टनर हैं चीन-अमेरिका’
शी जिनपिंग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका पहुंचे. वहां पहुंचने के बाद अपने बयान में चीनी नेता ने कहा कि बीजिंग सहयोग के लिए कमिटेड है और चीन और अमेरिका को ‘पार्टनर, न कि कॉम्पिटिटर’ बताया. उन्होंने ये भी कहा कि वो ट्रंप के साथ बाइलेट्रल रिलेशन और बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बेकरार हैं.
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ज्यादा आर्थिक सहयोग की अपील
शी जिनपिंग का ये दौरा डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के तकरीबन 4 महीने बाद हो रही है, जहां दोनों नेता उस दिशा में काम करने पर सहमत हुए थे जिसे बीजिंग ने ‘रणनीतिक स्थिरता वाले रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंध’ के तौर पर बताया था. शी ने कहा कि दोनों देशों को सहयोग के एरियाज की तलाश जारी रखनी चाहिए और साथ ही ये सुनिश्चित करना चाहिए कि मतभेद और कॉम्पिटिशन कंट्रोल में रहें. इस बैकड्रॉप में बीजिंग दोनों देशों के बीच चल रहे मतभेदों के बावजूद अमेरिकी कंपनियों के साथ ट्रेड और इंवेस्टमेंट वाले रिश्ते बनाए रखने की अहमियत पर जोर दे रहा है.
यूएस कंपनियों की चीन में मौजूदगी
शी जिनपिंग के यूएस विजिट से पहले जारी चीन की सरकार की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल की दूसरी तिमाही में चीन और अमेरिका के बीच चीजों का व्यापार सालाना आधार पर 13.7% बढ़ा. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि जुलाई तक चीन में 84000 से ज्यादा यूएस फंडेड एंटरप्राइज स्थापित किए जा चुके थे, जो देश में अमेरिकी बिजनेस एक्टिविटीज के पैमाने को बयां करता है. बिजनेस लेवल पर भी एक्सचेंज जारी रहा है. चीन के अधिकारियों के मुताबिक चाइनीज बिजनेस रिप्रेजेंटेटिव का एक डेलिगेशन जुलाई में अमेरिका गया था और उसने 120 से ज्यादा अमेरिकी कंपनियों और संगठनों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग कीं.
बीजिंग लगातार जुड़ाव चाहता है
अमेरिकी कंपनियों से शी की अपील बीजिंग की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत वह वाशिंगटन के साथ आर्थिक और राजनयिक रास्ते खुले रखना चाहता है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मई में कहा था कि दोनों पक्ष अपने नेताओं के बीच संचार बनाए रखने और राजनीतिक, राजनयिक और आर्थिक माध्यमों से जुड़ाव जारी रखने पर सहमत हुए हैं. उन्होंने ये भी कहा कि आर्थिक और ट्रेड ऑफिशियल्स को बाइलेट्रल इकॉनमिक रिलेशन और बाजार की उम्मीदों को स्थिर करने के मकसद से बातचीत जारी रखनी चाहिए. शी के हाल के कमेंट इसी नजरिए को मजबूत करती हैं; बीजिंग उनकी वाशिंगटन विजिट को दुनिया की 2 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मतभेदों को मैनेज करते हुए सहयोग को गहरा करने के एक मौके के तौर पर पेश कर रहा है.
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