Us News: यूएस में एक बच्ची ने जंगली पौधे को छू लिया। जिसके बाद बच्ची को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वासलबोरो, मेन की रहने वाली 2 वर्षीय बच्ची एला कैन अपने बगीचे में खेल रही थी। इसी दौरान बच्ची ने नाजुक पीले फूलों वाले पौधे को छू लिया। उसके तनों को सूंघा। अगले दिन मां ने देखा कि बच्ची के पूरे शरीर पर छोटे-छोटे छाले निकल आए हैं। मां ने बताया कि बच्ची को छालों के कारण गंभीर जलन का सामना करना पड़ा। 27 साल की महिला व्यवसायी के अनुसार उसे लगा कि वह आईवी इन्फेक्शन का शिकार हो गई है।
जिसके बाद खुजली से राहत दिलाने के लिए कैमोमाइल लोशन को उन जगहों पर लगाया, जहां छाले निकले थे। लेकिन ठीक होने के बजाय एला के छाले और जलन वाले निशानों के तौर पर उभर गए। नाक, कान, पैर और हाथ के अलावा शरीर के पूरे हिस्से पर छाले फैल गए। इसके बाद ऑनलाइन पता लगा कि ये एक जंगली पार्सनिप पौधे की वजह से हुआ है। जो उनकी पैतृक 113 एकड़ जमीन पर उगा हुआ है। एला की मां का नाम ऑड्रे है, जो चार बच्चों को जन्म दे चुकी हैं।
बच्चों को धूप में न खेलने दें
पार्सनिप का रस सूरज के प्रकाश में प्रतिक्रिया की वजह से त्वचा पर गंभीर जलन पैदा कर सकता है। इसे बड़े हॉगवीड (15 मीटर तक बड़ी पत्तियों वाला पौधा) का नाम दिया जा सकता है। इसके बाद मां ने डॉक्टरों से संपर्क किया, जिन्होंने ऑड्रे को बच्ची को धूप से दूर रखने और हाईड्रोकार्टिसोन का उपयोग करने के लिए कहा। जिसके कारण एला को भीषण गर्मी में भी पूरी बाजू के कपड़े पहनने पड़े। अब ऑड्रे की बच्ची पूरी तरह ठीक हो चुकी है। उन्होंने दूसरे अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने बगीचें में जहरीले पौधे न उगने दें। हमने अपनी बच्ची को दर्ज से कराहते हुए देखा है। हमने जंगली पौधों को इसलिए उभरने दिया कि ये सुंदर फूलों वाले हैं। लेकिन कितने खतरनाक हैं?
अब पता लगा है। छालों ने बच्ची का चेहरा भी बिगाड़ दिया था। हमने पॉइजन आईवी होने का शक किया था। पूरे यार्ड में जहरीले पौधे को खंगाला, लेकिन बाद में डॉक्टरों ने बगीचे में लगे पौधे को बीमारी का कारण बताया। ऑड्रे ने बच्ची को कराहते देख विटामिन ई का तेल भी यूज किया था। जलने के निशान ठीक होने में 2 सप्ताह लगे। बच्ची धूप में न खेले, इसलिए छाया का इंतजाम प्रॉपर किया गया। हम जहां 113 एकड़ के फार्म हाउस पर रहते हैं। वहां भी प्रॉपर स्प्रे करते हैं। मुझे लगा था कि निशान बच्ची के शरीर पर उम्रभर रहेंगे। लेकिन अब ठीक हो गए हैं।