कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की करीबी सहयोगी और दोषी ठहराई जा चुकी गिलेन मैक्सवेल ने अमेरिकी संसद की ओवरसाइट कमेटी के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया. मैक्सवेल इस समय टेक्सास की एक जेल में 20 साल की सजा काट रही हैं. उन्होंने बंद कमरे में वर्चुअल मीडियम से बयान दिया, लेकिन किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया. गिलेन मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया था. अदालत ने माना कि उन्होंने एपस्टीन के लिए नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के लिए तैयार किया. एपस्टीन की 2019 में जेल में मौत हो गई थी. इसके बाद इस मामले को लेकर कई सवाल उठे और जांच की मांग तेज हुई.
गिलेन मैक्सवेल कौन थीं?
गिलेन मैक्सवेल का जन्म 25 दिसंबर 1961 को एक अमीर परिवार में हुआ था. उनके पिता रॉबर्ट मैक्सवेल ब्रिटेन के बड़े पब्लिशिंग टाइकून थे. गिलेन नौ भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं. उनका बचपन ऐशो-आराम और रुतबे में बीता. गिलेन की परवरिश ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड में मौजूद हेडिंगटन हिल हॉल में हुई. बचपन में यहां बड़ी-बड़ी पार्टियां होती थीं, जिनमें राजनीति, कारोबार और मीडिया जगत के बड़े लोग शामिल होते थे. उन्होंने मार्लबरो कॉलेज और फिर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की. पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके पिता ने उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनाइटेड फुटबॉल क्लब में डायरेक्टर बनाया. बाद में वो न्यूयॉर्क गईं और मैनहट्टन के हाई-प्रोफाइल सोशल सर्कल का हिस्सा बन गईं.
कैसे बनीं एप्सटीन की क्राइम पार्टनर?
1991 में उनके पिता की समुद्र में रहस्यमयी मौत हो गई. इसके बाद गिलेन की जिंदगी पूरी तरह बदल गई. पिता की मौत के बाद गिलेन मैक्सवेल की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई. धीरे-धीरे दोनों का रिश्ता गहरा होता गया. एपस्टीन के पास पैसा और ताकत थी, जबकि गिलेन के पास अमीर और प्रभावशाली लोग थे. सरकारी पक्ष के मुताबिक, ये रिश्ता दोनों के लिए फायदेमंद था. सरकारी पक्ष के मुताबिक, मैक्सवेल एपस्टीन की पाम बीच वाली हवेली की मैनेजर थीं. वो स्टाफ की निगरानी करती थीं, पैसों के काम देखती थीं और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन भी करती थीं.
लड़कियों को फंसाती थी मैक्सवेल
मैक्सवेल पर आरोप लगा कि वो एपस्टीन के लिए पीड़ितों की पहचान करती थीं और उन्हें शोषण के लिए तैयार करती थीं. 2019 में एपस्टीन की जेल में मौत के बाद जांच का फोकस गिलेन मैक्सवेल पर आ गया. जुलाई 2020 में उन्हें अमेरिका के न्यू हैम्पशायर से गिरफ्तार किया गया. दिसंबर 2021 में जूरी ने उन्हें छह में से पांच आरोपों में दोषी ठहराया. ओवरसाइट कमेटी के सामने मैक्सवेल की चुप्पी ने एक बार फिर इस हाई-प्रोफाइल केस को चर्चा में ला दिया है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे जांच किस दिशा में जाती है और क्या पीड़ितों को पूरा न्याय मिल पाता है.
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