Netanyahu Khamenei assassination: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म हो जाएगा। उन्होंने ईरान के खिलाफ चल सैन्य कार्रवाईयों को लेकर कहा कि उनका उद्देश्य संघर्ष को बढ़ाना नहीं बल्कि उसे खत्म करना है। हालांकि इससे पहले अमेरिका ने नेतन्याहू के इस फैसले को वीटो कर दिया था। उन्हें डर था कि इससे संघर्ष और बिगड़ सकता है। ऐसे में आइये जानते हैं कौन हैं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई जिनको मारने की बात नेतन्याहू ने की है।
धार्मिक गुरु थे खामेनेई के पिता
अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर हैं। सैन्य व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था तक पूरे देश में उनकी मंजूरी के बिना कुछ भी नहीं होता। वे ईरान के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं। खामेनेई ईरान के सुप्रीम और सर्वोच्च लीडर हैं। 85 साल के खामेनेई को 1989 में ईरान के संस्थापक रूहोल्लाह खुमैनी की मृत्यु के बाद सुप्रीम लीडर चुना गया था। खामेनेई का जन्म 1939 में उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में हुआ। उनके पिता धार्मिक गुरु थे।
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अली खामेनेई कितने ताकतवर?
खामेनेई 1962 में मोहम्मद रेजा पहलवी के खिलाफ अयातुल्लाह खुमैनी के आंदोलन में शामिल हो गए। फिर उनके अनुयायी बन गए। मोहम्मद रेजा पहलवी के खिलाफ खामेनेई कई मौकों पर जेल भी गए हैं। साल 1979 में इस्लामी क्रांति के बाद जब ईरान को चलाने के लिए अंतरिम सरकार बनी तो खामेनेई को इसमें जगह मिली। इसके बाद वे ईरान के डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर और आईआरजीसी के प्रमुख भी बने। ईरान के संविधान के अनुसार सुप्रीम लीडर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के नीति निर्धारक होते हैं। सुप्रीम लीडर ही ईरान की घरेलू और विदेश नीति के निर्धारक होते हैं।
अकूत संपत्ति के मालिक हैं खामेनेई
ईरान के सुप्रीम लीडर सशस्त्र बलों के कमांडर इन चीफ होते हैं। इसके अलावा खुफिया और सुरक्षा अभियानों को कंट्रोल करते हैं। उसके पास न्यायपालिका, सरकारी रेडियो टेलीविजन नेटवर्क, आईआरजीसी के सर्वोच्च कमांडर को नियुक्त और बर्खास्त करने की शक्ति है। इसके अलावा खामेनेई ईरान की संरक्षक परिषद के बारह सदस्यों में 6 को नियुक्त करते हैं। अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार खामेनेई के पास 200 बिलियन डॉलर की प्रॉपर्टी है। खामेनेई के कमाई का अधिकांश हिस्सा पेट्रोलियम और गैस की कंपनियों से आता है। इसके बाद उन्हें चंदा भी मिलता है।
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