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कौन हैं भारतीय मूल की पत्रकार असरा नोमानी? जिन्होंने फ्रांस और भारत के छात्र प्रदर्शनों को जोड़ा

मुंबई में जन्मीं असरा नोमानी अमेरिकी पत्रकारिता का एक बड़ा और बेबाक नाम हैं. असरा नोमानी ने फ्रांस और भारत में हो रहे छात्र आंदोलनों के बीच साठगांठ का दावा कर नई बहस छेड़ दी है. जानें कौन हैं भारतीय मूल की यह पूर्व वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्टर, जिन्होंने ‘टारगेट इंडिया’ की बात कही. जानें, फॉक्स न्यूज की इस सीनियर एडिटर का पूरा बैकग्राउंड.

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मुंबई में जन्मीं असरा नोमानी ने फ्रांस और भारत में हो रहे छात्र आंदोलनों के बीच साठगांठ का दावा कर नई बहस छेड़ दी है. CREDIT: asranomani

अमेरिकी खोजी पत्रकार और लेखक असरा नोमानी इस समय चर्चा के केंद्र में हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने दावा किया है कि फ्रांस में चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों और भारत में हो रहे आंदोलनों के बीच गहरा संबंध है. नोमानी का कहना है कि उन्होंने पहले ही “NEXT: INDIA” कहकर आगाह किया था और अब वही घटनाएं सामने आ रही हैं. फॉक्स न्यूज डिजिटल की सीनियर एडिटर असरा नोमानी ने अपनी एक रिपोर्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि कुछ खास विचारधारा से जुड़े लोग अपने व्यापक कम्युनिस्ट एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है.

कौन हैं असरा नोमानी?

असरा नोमानी की ऑफिशियल वेबसाइट asranomani.com के मुताबिक मुंबई में 7 सितंबर 1965 को जन्मीं असरा नोमानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक चर्चित लेखक, खोजी पत्रकार और पूर्व ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ रिपोर्टर हैं. 1969 में महज चार साल की उम्र में जब वह अमेरिका पहुंचीं तो उन्हें अंग्रेजी का एक शब्द भी नहीं आता था. मॉर्गनटाउन, वेस्ट वर्जीनिया में पली-बढ़ीं असरा ने अपनी मेहनत के दम पर 23 साल की उम्र में ही 1988 में प्रतिष्ठित ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ में रिपोर्टर के तौर पर काम शुरू किया.

असरा के जीवन का सबसे दर्दनाक और अहम मोड़ 23 जनवरी 2002 को आया. पाकिस्तान के कराची में असरा के किराए के घर से निकले उनके दोस्त और पत्रकार साथी डेनियल पर्ल का अपहरण कर हत्या कर दी गई. डेनियल को खोजने के उनके साहसी प्रयासों पर हॉलीवुड फिल्म ‘ए माइटी हार्ट’ भी बनी. इस गहरे सदमे के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय 2007 में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में ‘पर्ल प्रोजेक्ट’ की शुरुआत की, जिसने पर्ल हत्याकांड के छिपे तथ्यों को दुनिया के सामने लाने के लिए एक ऐतिहासिक जांच रिपोर्ट प्रकाशित की.

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असरा नोमानी ने खुद को सिर्फ रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रखा. वह एक मुखर मुस्लिम फेमिनिस्ट और सुधारक के रूप में उभरीं. उन्होंने ‘तांत्रिका’ और ‘स्टैंडिंग अलोन’ जैसी चर्चित किताबें लिखीं, जिनमें धर्म, पहचान और महिलाओं के अधिकारों की वकालत की गई. मॉर्गनटाउन की मस्जिद में महिलाओं के अधिकारों के लिए उनके परिवार के संघर्ष पर पीबीएस (PBS) की डॉक्यूमेंट्री भी बनी.

आतंकवाद और उग्रवाद की गहरी समझ रखने के कारण उन्होंने एफबीआई (FBI) और अमेरिकी रक्षा एजेंसियों के अधिकारियों को विशेष सांस्कृतिक प्रशिक्षण भी दिया. आज असरा एक रजिस्टर्ड प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर हैं. वह ‘पर्ल प्रोजेक्ट’ का नेतृत्व करने के साथ-साथ फेयरफैक्स काउंटी टाइम्स में खोजी रिपोर्टर और संपादक के रूप में स्थानीय राजनीति और शिक्षा से जुड़े अहम मुद्दों को लगातार उजागर कर रही हैं.

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वैश्विक मीडिया में मजबूत दखल

असरा नोमानी अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने सटीक विश्लेषण और तार्किक टिप्पणियों के लिए जानी जाती हैं. वे फॉक्स न्यूज के अलावा CNN, MSNBC, द वाशिंगटन पोस्ट, द न्यूयॉर्क टाइम्स और BBC जैसे दुनिया के दिग्गज मीडिया मंचों पर लगातार विभिन्न विषयों पर अपनी राय रखती रही हैं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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