संयुक्त राष्ट्र (UN) की महासभा में भारत ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ाई हैं. UN में भारतीय मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण का जवाब राइट ऑफ रिप्लाई के तहत दिया. इस दौरान उन्होंने ‘फॉर्म 47 सरकार’ का जिक्र किया, जिसे पाकिस्तान के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसके अलावा पेटल ने पाकिस्तान को आतंकवाद, धार्मिक असहिष्णुता, लोकतांत्रिक अधिकारों और कश्मीर के मुद्दे पर भी खरी-खरी सुनाई. ऐसे में आइए जानते हैं कि फॉर्म 47 क्या है और पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार से इसका क्या कनेक्शन है?
इमरान खान की PTI ने लगाए थे गंभीर आरोप
साल 2024 में पाकिस्तान आम चुनाव हुए थे, जिसमें वोटों की हेराफेरी करने और चुनाव परिणाम देर से निकालने के आरोप लगे थे. इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने आरोप लगाया था कि फॉर्म 45 और फॉर्म 47 के आंकड़ों में भारी अंतर था. पाकिस्तान मुस्लिम लीग (N) (PML-N) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जिताने के लिए हेराफेरी की गई थी. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आम चुनाव से बाहर रखने के लिए की गई थी. तब से शहबाज शरीफ की सरकार पर अकसर फॉर्म 47 का जिक्र करते हुए निशाना साधा जाता है.
फॉर्म 47 चुनाव आयोग का ऑफिशियल डॉक्यूमेंट
PTI ने आरोप लगाया था कि फॉर्म 45 में आम चुनाव के वास्तविक परिणाम के आंकड़े दर्ज थे, लेकिन उससे पहले फॉर्म 47 जारी कर दिया था, जिसमें चुनावी आंकड़ों में फेरबदल था. फॉर्म 47 पाकिस्तान के चुनाव आयोग का ऑफिशियल डॉक्यूमेंट है. इस फॉर्म के जरिए किसी निर्वाचन क्षेत्र के उन परिणामों को दर्ज किया जाता है, जो कंफर्म नहीं होते. फरवरी 2024 के आम चुनाव के बाद PTI ने आरोप लगाया कि फॉर्म 47 में वोटों की जो संख्या दर्ज की गई थी, वह मतदान केंद्रों में फॉर्म 45 में दर्ज संख्या से अलग थी. फॉर्म 47 में हेरफेर करके PTI समर्थित उम्मीदवारों को साजिश करके हरा दिया गया था.
शहबाज शरीफ की सरकार सेना की कठपुतली
पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार को सेना और असीम मुनीर के हाथों की कठपुतली बताया और कहा कि शहबाज सरकार के सभी फैसले सेना लेती है. पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में सेना का, सेना के लिए, सेना के द्वारा शासन होता है. इसी सेना ने पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बनाया है, जिसका सबूत ओसामा बिन लादेन को पनाह देना है. लादेन ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमला कराया था और वही लादेन पाक सेना की एकेडमी के पास घर में छिपा था, जिसे अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान में घुसकर ही मारा था.