क्या है इजरायल का 'हेक्सागन ऑफ एलायंस', ईरान को घेरने के लिए नेतन्याहू को क्यों चाहिए भारत का साथ?

नेतन्याहू ने ईरान का मुकाबला करने के मकसद से पीएम मोदी के 25-26 फरवरी के इजरायल दौरे से पहले गठबंधन की रूपरेखा तैयार की है.

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक अलग गठबंधन का बनाने का प्रस्ताव दिया है. इजरायल का कहना है कि इस गठबंधन में भारत, ग्रीस, साइप्रस, अरब के कुछ देश, अफ्रीका के कुछ देश और एशियाई देश शामिल होंगे. हालांकि, उन्होंने अरब और अफ्रीका के देशों का नाम नहीं बताया. वहीं, दूसरी ओर अभी तक किसी भी देश ने इस गठबंधन को अपना समर्थन नहीं दिया है. पीएम मोदी के इजरायली दौरे से पहले नेतन्याहू ने इस गठबंधन का ऐलान किया है, जिसका नाम रखा है, ‘हेक्सागन ऑफ एलायंस’.

नेतन्याहू ने ईरान का मुकाबला करने के मकसद से पीएम मोदी के 25-26 फरवरी के इजरायल दौरे से पहले गठबंधन की रूपरेखा तैयार की है. इजरायल यह गठबंधन ईरान के नेतृत्व वाले ‘कट्टरपंथी शिया ग्रुप’ और एक ‘उभरते कट्टरपंथी सुन्नी ग्रुप’ का मुकाबला करने के लिए बनाना चाहता है.

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क्या है ‘हेक्सागन ऑफ एलायंस’?

नेतन्याहू ने ‘मिडिल ईस्ट के आसपास या उसके भीतर’ एक छह-पक्षीय गठबंधन बनाना चाहते हैं. जिसके प्रस्तावित सदस्य भारत, अरब देश, अफ्रीकी देश, भूमध्यसागरीय देश ग्रीस और साइप्रस, एशियाई देश हो सकते हैं. नेतन्याहू के मुताबिक, इसका मकसद ‘उन देशों का एक गुट बनाना है जो क्षेत्र की चुनौतियों और लक्ष्यों पर एक जैसा नजरिया रखते हैं.’ यह गठबंधन इन देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक, सुरक्षा मुद्दों पर काम करेगा.

भारत का क्यों चाहता है साथ?

नेतन्याहू ने भारत की भूमिका को पर्सनल रूप से तैयार किया. नेतन्याहू ने पीएम मोदी को ‘पर्सनल फ्रेंड’ बताते हुए और उनके बीच लगातार होने वाली बातचीत और पिछले दौरों का जिक्र करते हुए भारत की ग्लोबल पावर के बारे में प्रकाश डाला. उनका मानना है कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र को लेकर इस गठबंधन में भारत एक अहम भूमिका निभा सकता है.

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भारत और इजरायल के बीच पहले से ही गहरे रक्षा संबंध हैं. पिछले साल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10 अरब डॉलर रहा. भारत इजरायली रक्षा उपकरणों के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है. दोनों देश आतंकवाद विरोधी, खुफिया जानकारी साझा करने और ए़़डवांस मिलिट्री टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम करते हैं.

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दोनों देशों में किन मुद्दों पर होगी बात

पीएम मोदी इजरायल दौरे के दौरान तकनीकी सहयोग पर बात करेंगे. नेतन्याहू ने खास तौर पर AI और क्वांटम कंप्यूटिंग का जिक्र किया. इसको लेकर कहा कि ये दूर के लक्ष्य नहीं हैं, बल्कि मौजूदा स्ट्रेटेजिक डोमेन हैं.

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पीएम मोदी इजरायली संसद (नेसेट) को संबोधित करेंगे. उनका इजरायल के होलोकॉस्ट स्मारक ‘याद वाशेन’ जाने का भी कार्यक्रम है. नेतन्याहू व्यक्तिगत रूप से हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करेंगे.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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