हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

क्या राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ है उनका प्रशासन? भारत के पक्ष में दिख रहा वाशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बार बार अपने घर में ही घिरते नजर आ रहे हैं। पहले भी कई बार ट्रंप अपने पूर्व अधिकारियों से अपनी आलोचना सुन चुके हैं। अब वाशिंगटन ने भी ट्रंप से इतर जाकर भारत से अपने अच्छे संबंधों की वकालत की है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

विज्ञापन
राष्ट्रपति ट्रंप

भारत और अमेरिका के बीच तनाव चल रहा है, यह कहना शायद गलत होने लगा है। भारत और ट्रंप के बीच मतभेद हैं, यह साबित होने लगा है। केवल भारत ही नहीं बल्कि हर देश के साथ मतभेद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यक्तिगत होते नजर आ रहे हैं। इस वाशिंगटन में इसकी चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप के उतार-चढ़ाव के व्यवहार के बाद भी ट्रंप प्रशासन लगातार भारत के लिए अच्छे संबंध रखने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत एक अच्छा मित्र और एक साझेदार, और वास्तव में भविष्य का साझेदार बना रहेगा। अधिकारी का बयान तब आया है, जब आए दिन ट्रंप भारत पर वीजा, टैरिफ, रूसी तेल जैसे मुद्दों पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं।

‘हम भारत से बैर नहीं चाहते’

अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने कहा है कि भारत दुनिया के किसी भी देश से तेल खरीद सकता है। हमारा यह कहना है सिर्फ रूस से तेल ना खरीदे। कहा कि हम भारत से किसी तरह का बैर नहीं चाहते लेकिन हम यह भी नहीं चाहते कि भारत किसी ऐसे देश को पैसे दे जो पैसों का इस्तेमाल युद्ध के लिए कर रहा हो। कहा कि भारत ने अब तक स्वतंत्र ऊर्जा नीति का पालन किया है।

यह भी पढ़ें: यूक्रेन की जमीन को लेकर ट्रंप ने दिया बड़ा बयान, रूसी सेना को बताया ‘पेपर टाइगर’

विज्ञापन

मुलाकातों का दिया तर्क

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों देश अपने संबंधों को कितना महत्व देते हैं, यह उच्च-स्तरीय बैठकों की से स्पष्ट होता है। पदभार ग्रहण करने के बाद विदेश मंत्री मार्को रुबियो का पहला आधिकारिक कार्य क्वाड समूह जिसमें अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। साथ बैठक करना था, जिसके तुरंत बाद उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। अधिकारी ने आगे कहा कि ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद व्हाइट हाउस आने वाले पहले विदेशी नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे, जिन्होंने दो सप्ताह के भीतर ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति से मुलाकात की।

यह भी पढ़ें: क्या राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ है उनका प्रशासन? भारत के पक्ष में दिख रहा वाशिंगटन

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola