Donald Trump Swearing-in Ceremony: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर दूसरी बार शपथ ले ली है। डोनाल्ड ट्रंप का राष्ट्रपति बनना अमेरिका के लिए नया युग माना जा रहा है। ट्रंप के समर्थकों में उत्साह देखते ही बन रहा है। आइए प्वाइंट्स में समझते हैं कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के मायने क्या हैं? अमेरिकी इतिहास में ट्रंप ऐसे दूसरे शख्स हैं, जो व्हाइट हाउस से बाहर आने के बाद फिर सत्ता में लौटे हैं। ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बनने वाले सबसे उम्रदराज शख्स हैं। इस समय अमेरिका में भयंकर ठंड पड़ रही है। देश के कई हिस्सों में भयंकर तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह पहली बार बंद जगह हुआ। इसको लेकर भी ट्रंप के चाहने वालों में मायूसी दिखी। शपथ ग्रहण से पहले ट्रंप की टीम ने बड़ी घोषणा की थी। टीम ने कहा था कि जैसे ही ट्रंप बाइबल पर हाथ रखेंगे, अमेरिका के लिए स्वर्ण युग की शुरुआत हो जाएगी। ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने से पहले कई वादे किए थे। इनके ऊपर दुनियाभर की नजरें थीं।
अमेरिका में कयास लग रहे थे कि ट्रंप पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कई फैसलों को पलट देंगे। रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वे बड़ी संख्या में पहले से जारी कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर कार्रवाई करेंगे। माना जा रहा है कि शपथ लेने के बाद अब ट्रंप जो बाइडेन के कई फैसलों को पलट देंगे।
ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका को फिर से महान बनाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने अब पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होकर ओवल ऑफिस में वापसी की है। उन्होंने एक आपराधिक सजा को चुनौती देते हुए चुनाव में जीत हासिल की थी। इस दौरान ट्रंप के ऊपर दो बार जानलेवा हमले हुए।
उनकी रिपब्लिकन पार्टी ने पिछले साल शानदार बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी। माना जा रहा है कि अब ट्रंप 100 से अधिक फैसलों को बदलने जा रहे हैं। इन आदेशों में आव्रजन पर कड़े प्रतिबंध, तत्काल टैरिफ कार्यान्वयन, मैक्सिको के साथ दक्षिणी अमेरिकी सीमा पर राष्ट्रीय आपातकाल और अवैध प्रवासियों का सामूहिक निर्वासन जैसे मामले शामिल हैं।
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अब बॉर्डर पर सख्ती हो सकती है। अमेरिका से अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने की कवायद शुरू हो सकती है। ट्रंप ने वादा किया था कि कैपिटल हिल पर हमले के मामले में जिन 1500 लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनको माफ कर देंके।