US Threatens Ukraine after Refuses Minerals Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन की एक के बाद मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। ट्रंप ने राष्ट्रपति जेलेंस्की को चेतावनी देते हुए रेयर अर्थ मिनरल्स की मांग की है। यूक्रेन के महत्वपूर्ण खनिजों (Minerals) तक अपनी पहुंच के लिए अमेरिकी वार्ताकारों ने दबाव डालना शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होंने एलन मस्क की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम तक यूक्रेन की पहुंच को कम करने की संभावना जताई है। अगर अमेरिका यह कदम उठाता है तो यूक्रेन में इंटरनेट सर्विस ठप पड़ सकती है, जिसका असर रूस के साथ जारी संघर्ष पर भी पड़ेगा। बता दें कि ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को ‘तानाशाह’ करार दिया था। ट्रंप लगातार यूक्रेन पर रूस के साथ संघर्ष विराम के लिए दबाव बना रहे हैं।
रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए यूक्रेन पर दबाव
रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, यूक्रेन के महत्वपूर्ण खनिजों (रेयर अर्थ मिनरल्स) तक पहुंच के लिए कीव पर दबाव डाल रहे अमेरिकी वार्ताकारों ने एलन मस्क की महत्वपूर्ण स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम तक पहुंच में कटौती की संभावना जताई है। सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच चर्चा में एलन मस्क के स्वामित्व वाले स्पेसएक्स के स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम तक यूक्रेन की पहुंच का मुद्दा उठाया गया। सूत्रों ने बताया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की द्वारा अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के प्रारंभिक प्रस्ताव को ठुकराने के बाद अमेरिका और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच चर्चा में स्पेसएक्स के स्वामित्व वाले स्टारलिंक तक यूक्रेन की निरंतर पहुंच का मुद्दा उठाया गया था। स्टारलिंक युद्धग्रस्त यूक्रेन और उसकी सेना को महत्वपूर्ण इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करता है। सूत्र ने बताया कि अमेरिका के विशेष यूक्रेनी दूत कीथ केलॉग (Keith Kellogg) और जेलेंस्की के बीच गुरुवार को हुई बैठकों के दौरान यह मुद्दा फिर से उठाया गया। बैठक के दौरान यूक्रेन को बताया गया कि अगर वह महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है, तो उसे स्टारलिंक की सेवा बंद करने का सामना करना पड़ सकता है।
स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस बंद करने की धमकी दी
सूत्र ने कहा, यूक्रेन स्टारलिंक पर चलता है। वे इसे अपना ध्रुव तारा मानते हैं। ऐसे में स्टारलिंक को खोना यूक्रेन के लिए एक बड़ा झटका होगा। ट्रंप ने कहा है कि रेयर अर्थ मिनरल्स दो नहीं तो स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस नहीं मिलेगा। जेलेंस्की के साथ ट्रंप के विशेष प्रतिनिधि की बातचीत में यह चेतावनी दी गई है। दरअसल, जेलेंस्की ने 500 अरब डॉलर के मिनरल्स सस्ते में देने का वादा किया था लेकिन, बाद में यूक्रेन अपने वादों से मुकर गया। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका ने कोई विशेष सुरक्षा गारंटी नहीं दी है। शुक्रवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका और यूक्रेन की टीमें एक समझौते पर काम कर रही हैं और ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
यूक्रेन के लिए स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस जरूरी क्यों?
अटलांटिक काउंसिल की वरिष्ठ फेलो मेलिंडा हारिंग ने कहा कि यूक्रेन के ड्रोन के संचालन के लिए स्टारलिंक आवश्यक है, जो इसकी सैन्य रणनीति का एक प्रमुख स्तंभ है। हारिंग ने कहा, स्टारलिंक को खोना एक गेम चेंजर होगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अब ड्रोन उपयोग के मामले और तोपखाने के गोले के मामले में रूस के साथ 1:1 की बराबरी पर है। यूक्रेन के पास कई ड्रोन क्षमताओं की एक विस्तृत श्रृंखला है। इसमें समुद्री ड्रोन और निगरानी ड्रोन से लेकर लंबी दूरी के मानव रहित हवाई वाहन शामिल हैं।
यूक्रेनी कम्युनिकेशन सिस्टम को रूस ने किया तबाह
एलन मस्क ने फरवरी 2022 के आक्रमण के बाद रूस द्वारा नष्ट की गई संचार सेवाओं को बदलने के लिए यूक्रेन में हजारों स्टारलिंक टर्मिनल भेजे थे। यूक्रेन में एक नायक के रूप में चर्चित मस्क ने बाद में स्टारलिंक कनेक्टिविटी पहुंच को कम कर दिया था। क्योंकि युद्ध से निपटने के कीव के तरीके को लेकर मस्क की आलोचना होने लगी थी।। पिछले साल यूक्रेन ने अपने महत्वपूर्ण खनिजों को अपने सहयोगियों के निवेश के लिए खोलने का विचार पेश किया था। यह ‘विक्ट्री प्लान’ का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य वार्ता के लिए उसे सबसे मजबूत स्थिति में लाना और मॉस्को को बातचीत के लिए मजबूर करना था। ट्रंप ने इस विचार को स्वीकार करते हुए कहा था कि वह चाहते हैं कि यूक्रेन अमेरिका को रेयर अर्थ मिनरल्स और अन्य खनिज उपलब्ध कराए, बदले में वह उसके युद्ध को वित्तीय सहायता देगा।
जेलेंस्की ने खारिज किया अमेरिका का प्रस्ताव
लेकिन, जेलेंस्की ने पिछले सप्ताह अमेरिका के एक विस्तृत प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इस प्रस्ताव के अनुसार वाशिंगटन और अमेरिकी कंपनियों को यूक्रेन के महत्वपूर्ण खनिजों का 50 फीसदी हिस्सा मिलना था। इसमें ग्रेफाइट, यूरेनियम, टाइटेनियम और लिथियम शामिल हैं, जो इलेक्ट्रिक कार बैटरी का एक प्रमुख घटक है। इसके बाद से दोनों नेताओं के बीच दरार पैदा हो गई है।
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