दक्षिण लेबनान में आगे बढ़ रही इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच भीषण आमने-सामने की जंग छिड़ गई है। हिजबुल्लाह ने इजरायली सैनिकों पर गाइडेड मिसाइलें दागीं, जबकि आईडीएफ ने कई गांवों पर हवाई हमले किए।
Iran की मीडिया में video वाइरल – आमतौर पर Iran में महिलाएं force का हिस्सा नहीं होतीं – लेकिन IRGC की Basij Resistance Force में महिलाएं स्वेच्छा से Israel और अमेरिका के खिलाफ लड़ने को तैयार.
जारी संघर्ष के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर जनता का मनोबल बढ़ाया. उन्होंने कहा कि 15 दिनों से चली आ रही जंग ने परिवहन, संचार व अन्य बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया है, फिर भी सरकारी सेवाएं बिना किसी बड़े व्यवधान के जारी हैं. उन्होंने सरकारी सहकर्मियों व ईरानी जनता का आभार जताते हुए पुनर्निर्माण का संकल्प दोहराया.
पेजेश्कियन ने लिखा, ‘आपके साथी, ईरान के महान लोगो, हम इन परिस्थितियों पर विजय पा लेंगे और जो कुछ नष्ट किया गया है, उसे पहले से बेहतर ढंग से पुनर्निर्मित करेंगे.’ यह बयान अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष के 15वें दिन आया, जब ईरान ने अपनी संप्रभुता रक्षा पर जोर दिया. उन्होंने सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता पर बल दिया.
राष्ट्रपति ने कहा कि प्रांतीय नेताओं के साथ समन्वय से देशव्यापी प्रबंधन सुचारु रूप से चल रहा है. मध्य पूर्व संकट में ईरान ने कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दिया है, लेकिन रक्षा को प्राथमिकता दी. यह संदेश जनता को एकजुट करने का प्रयास है.
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ जारी अमेरिकी-इजरायल युद्ध के बीच, अगर ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो वह क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों के संयंत्रों को निशाना बनाएगा.
उन्होंने कहा, “अगर ईरानी संयंत्रों को निशाना बनाया गया, तो हमारी सेनाएं क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों के संयंत्रों या उन कंपनियों को निशाना बनाएंगी जिनमें अमेरिका की हिस्सेदारी है.” अराघची ने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान “घनी आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना न बनाने के लिए सावधानी बरतेगा.
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना द्वारा ईरान से आ रही मिसाइलों का पता चलने की चेतावनी के बाद शनिवार को यरुशलम के ऊपर धमाकों की आवाज सुनी गई. सेना ने कहा कि उसका रक्षा तंत्र सक्रिय रूप से खतरे को रोकने में लगा हुआ है, क्योंकि तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों से शुरू हुआ मध्य पूर्व युद्ध अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है.
ईरानी विदेश मंत्री हुसैन अराकची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल “दुश्मनों और उनके सहयोगियों के टैंकरों और जहाजों” के लिए बंद है, जैसा कि सरकारी मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है. अराकची ने चेतावनी दी कि अगर ईरान की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा कि ईरानी सेना इस क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों की सुविधाओं या उन सुविधाओं पर हमला करेगी जिनमें अमेरिका की हिस्सेदारी है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाने से बचने के लिए सावधानीपूर्वक कार्रवाई करेगा.
बेरूत स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय प्रवासियों की कंपनी द्वारा भेजी जा रही दूसरी उड़ान में 177 भारतीय नागरिक सवार है, जो आज बेरूत से दिल्ली के लिए रवाना हुई. बेरूत स्थित भारतीय दूतावास उन्हें सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं देता है; बेरूत स्थित भारतीय टीम लेबनान में फंसे भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “इस समय भारत के पास खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों का पर्याप्त से अधिक स्टॉक उपलब्ध है. हमारे यूरिया भंडार पिछले साल के इसी समय की तुलना में अधिक हैं. डीएपी के भंडार पिछले साल के दो गुना हैं. एनपीके का स्टॉक भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है.”
उन्होंने आगे बताया, “घरेलू यूरिया उत्पादन के संदर्भ में हमारा वर्तमान उत्पादन खपत से अधिक होगा, खासकर रबी मौसम के समाप्त होने के साथ. इसके अतिरिक्त, हमने कुछ संयंत्रों की निर्धारित वार्षिक रखरखाव को अग्रिम कर दिया था, जिससे उपलब्ध गैस के साथ उत्पादन को अधिकतम किया जा सका. उर्वरक विभाग ने वर्तमान स्थिति की आशंका में पहले ही वैश्विक निविदाएं जारी कर दी थीं.”
जायसवाल ने कहा, “इन निविदाओं को बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला है और मार्च के अंत तक विभिन्न स्रोतों से ऑर्डर की गई अधिकांश मात्रा प्राप्त होने की उम्मीद है. उर्वरक विभाग ने प्रतिस्पर्धी आधार पर स्पॉट गैस खरीदने का भी निर्णय लिया है और पहला चरण मंगलवार तक पूरा हो जाएगा, यानी दो दिन बाद.”
उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा, “हमारे सभी अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को बिना रुकावट आपूर्ति का भरोसा दिया गया है. हम आशा करते हैं कि 15 मई तक खरीफ मांग चरम पर पहुंचने के समय तक आरामदायक उर्वरक भंडार बनाए रखेंगे. उर्वरक विभाग वैश्विक और घरेलू स्थितियों पर नजर रखे हुए है तथा आवश्यक कदम उठा रहा है. पर्यवेक्षकों और टिप्पणीकारों को वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, न कि अज्ञात अटकलों से घबराहट फैलानी चाहिए.”
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (खाड़ी) असीम महाजन ने कहा, “क्षेत्र में उड़ानों की स्थिति और हवाई क्षेत्र के संबंध में, फरवरी के अंत से अब तक लगभग 1 लाख 72 हजार यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं. भारत के विभिन्न हवाई अड्डों पर अधिक उड़ानों के जुड़ने से हवाई संपर्क लगातार सुधर रहा है.”
महाजन ने आगे बताया, “ओमान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर से उड़ानें संचालित हो रही हैं. बहरीन, कुवैत और इराक में रहने वाले भारतीयों के लिए, जहां से सीधी उड़ानें नहीं चल रही हैं, हम भारतीय नागरिकों को वीजा विस्तार, सऊदी अरब के रास्ते भारत आने के लिए ट्रांजिट वीजा आदि में सहायता प्रदान कर रहे हैं.”
उन्होंने ओमान में हुई घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “कल ओमान के सुहर शहर में हुए हमले में दुर्भाग्यवश दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई और 10 भारतीय नागरिक घायल हुए, जिनमें से किसी को गंभीर चोट नहीं बताई जा रही है. हमारा दूतावास मौके पर सक्रिय है और ओमानी अधिकारियों, स्थानीय कंपनियों, अस्पतालों तथा प्रभावित भारतीयों के परिवारों के निरंतर संपर्क में है. दूतावास मृतक दोनों भारतीय नागरिकों के शवों को शीघ्र भारत लाने की समन्वय कर रहा है.”
Mohsen Rezaee | Iran के सबसे सीनियर मिलिट्री लीडर ने कहा, युद्ध का अंत हमारे हाथों में है। हम युद्ध समाप्त करने पर विचार तभी करेंगे जब अमेरिका हमें युद्ध से हुए नुकसान का मुआवज़ा देगा. हमारी दूसरी शर्त है भविष्य में हमलों के नहीं होने की 100% गारंटी. ये तभी संभव है जब फारस की खाड़ी से अमेरिका वापस चला जाए. इसलिए हमारी दूसरी शर्त है अमेरिकी bases को ख़त्म किया जाना.
Amsterdam में एक यहूदी स्कूल पर हमला हुआ है. इससे पहले Rotterdam में एक Synogauge के बाहर विस्फोट हुआ था. मामले में चार संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है. एक नए संगठन इस्लामिक मूवमेंट ऑफ द कम्पैनियन्स ऑफ द राइट ने Joodse School पर ताजा हमले की जिम्मेदारी ली है. संगठन ने हमले का वीडियो भी जारी किया है.
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच ईरान ने दृढ़ प्रतिरोध का संकल्प लिया, कहा ‘हम इस युद्ध के अंत तक डटे रहेंगे’
एएनआई से बात करते हुए, भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान पर हमले जारी रखने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘उन्होंने हम पर यह युद्ध थोपा है, और हमें अपनी रक्षा करनी होगी. हम अपनी गरिमा, अपनी स्वतंत्रता और अपने देश के लिए अपना खून बहाने को तैयार हैं. हम अपने दुश्मनों के सामने नहीं झुकेंगे और इस युद्ध के अंत तक डटे रहेंगे. यदि वैश्विक नेता इस संघर्ष को समाप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें एकजुट होकर इसे रोकने के लिए कार्रवाई करनी होगी.’
बहरीन ने कहा है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से उसने दर्जनों ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को रोका है.
UAE में ईद के मौके पर आतिशबाजी नहीं होगी। यह फैसला सरकार के निर्देश पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ग्लोबल विलेज को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। नई जानकारी के लिए लोगों को आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया पर अपडेट रहना होगा।
दुबई पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स और ऐन दुबई भी फिलहाल बंद रहेंगे।
अमेरिका और इजराइल ने ईरान के 56 सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया है। इनमें म्यूजियम और पुरानी ऐतिहासिक इमारतें शामिल हैं। ईरान के संस्कृति मंत्रालय ने रिपोर्ट जारी की है, जिसके मुताबिक सबसे ज्यादा नुकसान तेहरान में हुआ है। यहां 19 ऐतिहासिक इमारतें प्रभावित हुई हैं। कुर्दिस्तान प्रांत में भी 12 बड़े ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है।
UAE के फुजैराह बंदरगाह पर स्थित महत्वपूर्ण तेल भंडारण और निर्यात टर्मिनल पर शुक्रवार देर रात कई ड्रोनों ने हमला कर दिया। हमले से टर्मिनल में आग लग गई, जिससे आज सुबह आसमान छूती मोटी धुएं की लकीरें दिखाई दीं। कुछ दिन पहले हुए हमले के बाद यह टर्मिनल गुरुवार से ही पूरी क्षमता से संचालन शुरू कर पाया था। फ़ुजैराह यूएई का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है, जो दैनिक 2 लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल का निर्यात करता है। हताहत और नुकसान का आकलन बाकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान पराजित होकर अब मुझसे कोई डील करना चाहता है, लेकिन उसके पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं जो मुझे स्वीकार होगा। ताजा सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप मीडिया पर अमेरिका की ईरान में जीत को लोगों को सही तरीके से नहीं बताने का भी आरोप लगाया।
फ्रांस और इटली ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान से बातचीत शुरू कर दी है, ताकि उनके जहाज होर्मुज स्ट्रेट से बिना किसी खतरे के सुरक्षित गुजर सकें। दोनों देश होर्मुज को लेकर समझौता करने की कोशिश हो रही है। यूरोप के देश चाहते हैं कि मिडिल ईस्ट से तेल और गैस की सप्लाई फिर से ठीक से शुरू हो जाए। हालांकि अभी यह बातचीत शुरुआती दौर में है और कोई पक्का फैसला नहीं हुआ है। फ्रांस एक अंतरराष्ट्रीय ग्रुप बनाने की कोशिश भी कर रहा है, ताकि हालात सामान्य होने के बाद वॉरशिप्स की मदद से तेल और गैस के जहाजों को सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से निकाला जा सके।
सऊदी अरब के एयरबेस पर खड़े अमेरिकी एयरफोर्स के 5 विमान तबाह होने की खबर है। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक तबाह हुए विमान ईंधन भरने वाले टैंकर विमान थे। पांचों विमानों को ईरान के हमले में नुकसान पहुंचा, हालांकि हमला कब हुआ, यह नहीं बताया गया और न ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अभी कोई बयान दिया है।
अमेरिका ने ओमान में काम कर रहे अपने सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़कर वापस वतन लौटने को कहा है। उनके परिवारों को भी जल्द निकलने की सलाह दी गई है। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि इलाके में लड़ाई बढ़ने और आतंकवादी हमलों का खतरा बढ़ गया है। इसलिए लोगों को फिलहाल ओमान नहीं जाने की सलाह दी गई है। यमन बॉर्डर से लगे ओमान के इलाकों में बिल्कुल यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
US-Israel Iran War Updates: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 16वां दिन है। ईरान पर हमले लगातार जारी है और ईरान भी अरब देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है। इस बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभाल लिया है और उन्होंने बीते दिन पहला सार्वजनिक बयान भी जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जंग कब खत्म होगी, ईरान तय करेगा। अमेरिका अरब देशों में अपने सैन्य ठिकाने बंद कर दे, अन्यथा हमले होते रहेंगे।
अमेरिकी की रूस का तेल खरीदने की छूट
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करके कच्चे तेल की सप्लाई बाधित की। ऐसे में कई देशों में तेल-गैस का संकट गहरा गया है। हालातों को देखते हुए अमेरिका ने भारत समेत कई देशों को 30 दिन तक रूस का तेल खरीदने की अस्थायी छूट दे दी है, लेकिन रूस का वही तेल खरीदा जाएगा, जो कार्गो शिप में लदा है और समुद्र के अंदर महीनों से फंसा हुआ है। जंग के बीच ही कच्चे तेल की कीमत भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई है। मिडिल ईस्ट की जंग के कारण ग्लोबल ऑयल मार्केट में संकट गहरा गया है।
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अमेरिका का रिफ्यूलिंग विमान हुआ क्रैश
बता दें कि ईराक में अमेरिकी सेना का रिफ्यूलिंग प्लेन KC-135 क्रैश हो गया है। हादसे में विमान में सवार पांचों क्रू मेंबर्स भी मारे गए हैं। हादसे की जिम्मेदारी इराक के एक विद्रोही गुट 'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' ने ली है, जिसने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पश्चिमी इराक में अमेरिका के विमान को मार गिराया है। गत 2 मार्च को कुवैत में भी फ्रेंडली फायरिंग में 3 अमेरिकी विमान क्रैश हो गए थे। अमेरिकी सेना ने दावे को गलत करार देते हुए स्पष्ट किया है कि विमान न तो किसी हमले में गिरा है और न ही किसी गोलीबारी में ढेर हुआ।
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मिडिल ईस्ट की जंग से जुड़े आज 14वें दिन के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ…
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