मिडिल ईस्ट में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव अब सीधे युद्ध की शक्ल लेता दिख रहा है. अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा हवाई हमला किया है, जिसमें उसके बेहद ताकतवर B-2 स्टील्थ बॉम्बर का इस्तेमाल किया गया. अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान की जवाबी कार्रवाई में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि इजरायल में 8 लोगों की मौत की खबर है.
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B-2 बॉम्बर से ईरान पर सटीक हमला
B-2 बॉम्बर खास तौर पर जमीन के नीचे बने बंकर और मिसाइल ठिकानों को तबाह करने में सक्षम माना जाता है. इन विमानों की खासियत है कि ये रडार की पकड़ में नहीं आते और लंबी दूरी से हमला कर सकते हैं. ये बम इतने शक्तिशाली होते हैं कि जमीन से 200 फीट या 60 मीटर अंदर रखे मिसाइलों या बमों को तबाह कर सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, हमले के दौरान ईरान के मिसाइल बेस, हथियार भंडार और कमांड सेंटर को नुकसान पहुंचा है. अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने के मकसद से की गई. अमेरिकी रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि इस सैन्य अभियान के दौरान 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है. इसके अलावा कुछ सैनिकों के घायल होने की भी खबर है. अमेरिका ने मृत सैनिक के परिवार के प्रति संवेदना जताई है और कहा है कि हालात को पूरी तरह कंट्रोल में रखने की कोशिश की जा रही है.
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ईरान की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की. ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन हमलों का असर इजरायल में देखने को मिला. रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल के कई इलाकों में धमाके हुए, जिनमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई. इजरायली प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है. कई शहरों में आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं और स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. ईरान की राजधानी तेहरान में भी हमलों के बाद हालात तनावपूर्ण हैं. कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं और सैन्य ठिकानों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. ईरानी सरकार ने कहा है कि वो किसी भी हालात में पीछे नहीं हटेगी और जरूरत पड़ी तो और कड़ा जवाब देगी. फिलहाल हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं. दोनों देशों की ओर से लगातार बयानबाजी और सैन्य कार्रवाई जारी है. आने वाले दिनों में यह संघर्ष और गंभीर हो सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है.
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