अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया है. पिछले चार दिनों से जारी युद्ध अमेरिका को बहुत महंगा पड़ रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान पर हमलों के पहले 24 घंटों में अमेरिका ने 779 मिलियन डॉलर यानी करीब 6,900 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में 'सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी' के आंकड़ों के मुताबिक लिखा है कि अमेरिका के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को ऑपरेट करने में एक दिन में करीब 6.5 मिलियन डॉलर यानी 58 करोड़ रुपये खर्च होते हैं. कैरियर स्ट्राइक ग्रुप वह है, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत 'यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड' जैसे जहाजों को ऑपरेट करता है.
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हमलों से पहले, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में जेराल्ड आर. फोर्ड सहित दो विमानवाहक स्ट्राइक ग्रुप तैनात किए थे. हमले से पहले की तैयारी, जिसमें विमानों की रीपोजिशनिंग, नौसैनिक जहाजों की तैनाती और रीजनल एसेट्स को जुटाना शामिल है. उस पर करीब 630 मिलियन डॉलर यानी 5,556 करोड़ रुपये खर्च हुए होंगे.
रिपोर्ट में प्रमुख राजकोषीय विश्लेषकों में से एक केंट स्मेटर्स के हवाले से लिखा गया है कि जिस तरह के संकेत ट्रंप ने दिए हैं, अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो अमेरिका के करीब 210 बिलियन डॉलर यानी 18.87 लाख करोड़ रुपये खर्च हो जाएंगे.
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बता दें, शनिवार को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई भी मारे गए थे. इसके बाद ईरान ने हमलों का पलटवार किया और इजरायल की राजधानी तेल अवीव में की मिसाइलें दागीं. इसके साथ ही अमेरिका के जिन मिडिल ईस्ट देशों में सैन्य अड्डे हैं, वहां भी ईरान ने हमला कर दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में अभी तक करीब 800 लोगों की मौत इन हमलों में हो चुकी है.