US Iran Tension Update: अमेरिका ने ईरान पर हमला करने की तैयारी पूरी कर ली है. काउंटडाउन चल रहा है और ईरान पर कभी भी हमला हो सकता है. ओमान की खाड़ी में अमेरिका का जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन तैनात है, जो 350 से ज्यादा लड़ाकू विमानों और 3500 से ज्यादा मिसाइलों से लैस है. इजरायल, जॉर्डन, USE जैसे सहयोगी देशों के एयरबेस पर भी सेना तैनात है और ईरान का यह घेराव अमेरिका के इरादे स्पष्ट कर रहा है.
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अमेरिका ने ऐसे किया है ईरान का घेराव
बता दें कि अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप USS अब्राहम लिंकन पश्चिमी हिंद महासागर में पहुंच चुका है, जिसके साथ उसके 3 गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर भी हैं. करीब 7000 सैनिकों, 70 लड़ाकू विमानों और टोमाहॉक मिसाइलों से लैस यह युद्धपोत अपने आप में एक सेना है और ईरान में भारी तबाही मचाने की क्षमता रखता है. वहीं अमेरिका ने जॉर्डन में अपने एयरबेस पर -15E स्क्वाड्रन तैनात कर दी है. कतर में अतिरिक्त THAAD मिसाइल सिस्टम, B-52 बॉम्बर और साउस कोरिया से बुलाई गई बटालियन तैनात की है.
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खामेनेई की सरकार गिराना चाहते लोग
बता दें कि जनवरी महीने की शुरुआत में अली खामेनेई की सरकार, आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ लोगों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किए थे. ईरान की सरकार ने लोगों का दमन करने के लिए उन पर गोलियां चलवाईं. प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया और करीब 800 लोगों को फांसी देने का ऐलान किया. ईरान के हालातों को देखते हुए अमेरिका ने मामले में दखल देने और हवाई हमला करने की धमकी दी तो 800 लोगों की फांसी पर रोक लगा दी गई.
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ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के खिलाफ अमेरिका
इस बीच ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवान ने अमेरिका जाकर राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की. उसके बाद ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रूख अपना लिया. अमेरिका पहले से ही ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के खिलाफ है और अमेरिका के परमाणु ठिकानों पर हमला भी कर चुका है. अमेरिका को फिर सुराग मिले हैं कि ईरान अपने तबाह हुए परमाणु ठिकानों को फिर से खड़ा कर रहा है, जबकि अमेरिका पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा.