US Iran Tension New Update: ईरान को लेकर अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के उपाध्यक्ष महमूद नबावियन ने राष्ट्रपति ट्रंप के एक अजीबोगरीब संदेश को सार्वजानिक किया है। ट्रंप ने शुक्रवार की ओमान में दोनों देशों की बातचीत शुरू होने से ठीक पहले एक तीसरे देश के माध्यम से ईरान को प्रस्ताव भेजा था कि हमें ईरान के 2 ठिकानों पर हमला करने दो और तुम भी अपना उचित जवाब दे दो। इस खुलासे ने इंटरनेशनल मीडिया को हिला दिया है।
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12 दिन के युद्ध की साजिश भी रची गई
नबावियन ने बताया कि ईरान ने इस पर बिना किसी असमंजस के जवाब दिया कि उस दौर का अंत हो चुका है। अब किसी भी भूल का खामियाजा तुम्हारी तरफ हजारों मौतों के रूप में अमेरिका को भुगतना पड़ेगा। ईरानी विदेश मंत्री को निर्देश दिए गए है कि वे क्षेत्रीय देशों के नेताओं से कहें कि अमेरिका से जुड़ी कोई भी कंपनी या सैन्य अड्डा अब ईरान का टारगेट होगा। एक और खुलासे में नबावियन ने 12 दिन के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के अपहरण की तर्ज पर साजिश रची, लेकिन वह पूरी तरह नाकाम रही।
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ईरान में क्या है महमूद नबावियन का कद?
बता दें कि सैय्यद महमूद नबावियन ईरान के शिया समुदाय के मौलवी हैं और ईरान के टॉप लीडर में इनका नाम शामिल है। नबावियन कट्टरपंथी विचारधारा के नेता हैं। वे तेहरान, रे, शेमिरनत और एस्लामशहर से सांसद हैं। वे परमाणु समझौते (JCPOA) आलोचक रहे हैं और पश्चिमी देशों के विरोधी हैं। नबावियन ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के करीबी और उनके प्रति निष्ठावान रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।
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नबावियन अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता के विरोध हैं। उन्होंने वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) के साथ समझौतों का भी कड़ा विरोध किया है। वे ईरान की संसद में विदेश नीति समिति के मेंबर भी हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सदस्यों को जासूस कहकर उन पर गद्दार होने का आरोप लगाकर विवाद खड़ा किया था। उन्होंने ईरान की मीडिया देश के फायरब्रांड नेताओं में गिनती है और हर मुद्दे पर उनका मंतव्य जरूर लेती है।