ईरान और अमेरिका के 3 बड़े फैसले, तेहरान ने मानी ट्रंप की 2 शर्तें, बदले में हटा तेल बेचने पर लगा प्रतिबंध, पढ़ें अपडेट्स

US Iran Switzerland Talks: अमेरिका और ईरान के बीच कई मुद्दों पर सहमति बन गई है। पहले दिन तनाव के बाद दूसरे दिन की वार्ता का सकारात्मक परिणाम निकला और दोनों देशों ने कई शर्तों पर सहमति जताई।

US Iran Switzerland Talks

अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि पाकिस्तान की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता कर रहे हैं।

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान की समझौता वार्ता सफल हो गई है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका की 2 शर्तें मान ली हैं। वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने भी ईरान को 2 बड़ी राहत दी हैं। अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में 60 दिन के लिए ढील दे दी है। कतर में फ्रीज 6 अरब डॉलर देने की शर्त भी मान ली है। वहीं ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए खोलने और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (INEA) को अपने परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करने की अनुमति देने पर सहमति जताई है। ऐसे में अब ईरान में यूनाइटेड नेशन्स (UN) के न्यूक्लियर इंस्पेक्टर तैनात होंगे।

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ईरान को 60 दिन के लिए लाइसेंस मिला

अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने ईरान को 60 दिन के लिए एक लाइसेंस दिया है, जो 21 अगस्त 2026 तक लागू रहेगा। इस लाइसेंस के आधार पर ईरान अपना कच्चा तेल बेच सकेगा। भारत समेत कई देश फिर से ईरान का कच्चा तेल खरीद सकेंगे। पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पेट्रोलियम डेरिवेटिव्स की डिलीवरी और बिक्री की इजाजत भी ईरान को मिली है। लेकिन यह लाइसेंस उत्तर कोरिया और क्यूबा से लेन-देन पर लागू नहीं होगा, क्योंकि इन दोनों देशों पर अमेरिका के प्रतिबंधों लागू हैं।

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होर्मुज स्ट्रेट से बेरोकटोक निकलेंगे जहाज

वहीं अमेरिका की वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से बिना रोक-टोक समुद्री जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने की अमेरिका की शर्त मान ली है। वहीं ईरान यूनाइटेड नेशन्स (UN) की परमाणु एजेंसी IAEA के इंस्पेक्टर्स को दोबारा देश में तैनात करने और काम करने की मंजूरी देने पर भी सहमति जताई है। अमेरिका और ईरान के बीच जो MoU साइन हुआ है, उनमें 14 मुद्दे शामिल हैं, जिन पर सहमति बनाने के लिए स्विट्जरलैंड में वार्ता हुई। ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में छूट और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही 2 प्रमुख शर्तें थीं, जिन पर दोनों देशों में सहमति बन गई है।

ईरानी वार्ताकार गालिबाफ की प्रतिक्रिया

ईरान की सरकारी मीडिया को दिए इंटरव्यू में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने बताया कि ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी होना बड़ी कामयाबी है। MoU के आर्टिकल 11 में 2 बार में 6-6 अरब डॉलर की ईरान को देने की शर्त है, जो मंजूर हो गई है।इसके लिए शुरुआती सहमति कतर दौरे के दौरान बन गई थी, जबकि अंतिम मंजूरी स्विट्जरलैंड में दी गई। आर्टिकल 10 के तहत कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स, बैंकिंग, बीमा और परिवहन से जुड़े प्रतिबंधों में अंतिम समझौता होने तक राहत मिली है। ईरान इस कायाबी को अमेरिका के साथ हुए समझौते से मिली शुरुआती जीत के तौर पर देख रहा है।

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ईरानी प्रतिनिधिमंडल ओमान चला गया

स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ बातचीत के बाद ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान के लिए रवाना हो गए हैं। दोनों नेता वहां की सरकार के साथ होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन को लेकर ईरान की तैयारियों को मजबूत करेंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाएंगे।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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