हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: DiwaliIndia blocGyanesh KumarBigg Boss 20

वार्ता फेल होने के बाद एक बार फिर कोशिश करेंगे ईरान-अमेरिका, इस बार बन जाएगी बात?

US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता भले ही बिना किसी समझौते के खत्म हो गई हो, लेकिन दोनों देशों के बीच ये दरवाजे अभी भी खुले हैं. उम्मीद है कि अमेरिका-ईरान एक बार फिर बातचीत के लिए आमने-सामने आ सकते हैंं

विज्ञापन
Credit: Social Media

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल शांति वार्ता भले ही किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंच पाई, लेकिन दोनों देशों ने आगे बातचीत जारी रखने के संकेत दिए हैं. अमेरिका-ईरान के बीच गुरुवार को एक बार फिर बातचीत हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, दोनों देश इस खास मीटिंग की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि अभी ये तय नहीं हुआ है कि मीटिंग कहां की जाएगी. दोनों देशों के सीनियर प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें: ‘होर्मुज नाकेबंदी के पास आए तो उड़ा देंगे…’, ट्रंप की खुली वॉर्निंग, जानें क्या बोला ईरान?

क्या है मकसद?

इस खास बातचीत का मकसद मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करना और दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करना है. अमेरिका की कोशिश है कि ईरान के साथ उन मुद्दों पर सहमति बने, जिनकी वजह से दोनों देश आपस में भिड़े हैं. इससे पहले, हाल ही में अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई. ये 1979 के बाद दोनों देशों के बीच सबसे हाई लेवल की प्रत्यक्ष बातचीत मानी जा रही है. लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच 21 घंटे तक चली ये वार्ता फेल हो गई. इस वार्ता में ईरान की ओर से संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए. वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में जेडी वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर भी मौजूद रहे.

विज्ञापन

क्यों नहीं बन पाई सहमति?

इस बातचीत के असफल रहने के पीछे कई बड़ी वजह सामने आई. अमेरिका चाहता था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सख्त कंट्रोल मंजूर करे और भविष्य में परमाणु हथियार विकसित न करने का वादा करे. वहीं ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया और इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया. इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका से आर्थिक प्रतिबंध हटाने और अपने तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों को खत्म करने की मांग की. लेकिन अमेरिका इसके लिए पहले ठोस परमाणु प्रतिबद्धता चाहता था. इस वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच अविश्वास भी बड़ी रुकावट बना. लंबे समय से चले आ रहे विवाद और राजनीतिक दबाव की वजह से कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं था.

ये भी पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से भड़का चीन, अमेरिका को दी सीधी धमकी, कहा- हमारे रास्ते का अड़ंगा न बनो तो बेहतर

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola