हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

ईरान को कौन देगा पैसा? MoU में '300 अरब डॉलर' का जिक्र, ट्रंप-वेंस के दावों से बढ़ा कंफ्यूजन

US Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते (MoU) के बाद 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण फंड को लेकर विवाद छिड़ गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस का दावा है कि इसमें अमेरिकी टैक्सपेयर्स का एक भी पैसा नहीं लगेगा. वहीं विपक्ष ने समझौते पर ट्रंप के ही दस्तखत दिखाकर उन्हें घेरना शुरू कर दिया है.

विज्ञापन
Photo Credit: AI

US Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर हुए ऐतिहासिक समझौते (MoU) के बाद अब अमेरिका के भीतर ही सियासी घमासान छिड़ गया है. इस विवाद की मुख्य वजह समझौते का छठा पॉइंट है, जिसमें ईरान के पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन प्लान) और आर्थिक विकास के लिए ‘300 अरब डॉलर’ (करीब 25 लाख करोड़ रुपये) के भारी-भरकम फंड का जिक्र है. अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ईरान को यह पैसा देगा कौन?

डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस का दावा- ‘अमेरिका से नहीं जाएगा एक भी पैसा’

इस भारी-भरकम रकम को लेकर अमेरिकी जनता और सोशल मीडिया पर उठते सवालों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सफाई दी है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अमेरिका की तरफ से ईरान को 300 अरब डॉलर का कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है. यह सब फेक न्यूज और डेमोक्रेट्स का प्रोपेगैंडा है. ट्रंप के मुताबिक, इस डील से अमेरिका को सिर्फ कामयाबी, तेल की कम कीमतें और जीत मिली है.

वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी एक इंटरव्यू में साफ किया कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर इसका कोई बोझ नहीं पड़ेगा. उन्होंने संकेत दिया कि इस फंड के लिए खाड़ी के अरब देशों और ईरान में निवेश करने के इच्छुक अन्य बाहरी देशों से पैसे जुटाए जा सकते हैं. वेंस ने यह भी शर्त रखी कि ईरान को यह मदद तभी मिलेगी जब वह पूरी तरह से समझौते के नियमों का पालन करेगा. हालांकि, अभी तक किसी भी देश ने इस फंड में पैसा देने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

विज्ञापन

विपक्ष ने दिखाए समझौते पर उनके दस्तखत

भले ही ट्रंप इस फंड से पल्ला झाड़ रहे हों, लेकिन अमेरिकी विपक्ष (डेमोक्रेट्स) और खुद उनकी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेता उन पर हमलावर हैं. सीनेट में डेमोक्रेट्स के नेता चक शूमर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘ट्रंप दावा कर रहे हैं कि अमेरिका ईरान को पैसे नहीं देगा, लेकिन इस समझौते पर उनके खुद के दस्तखत हैं. उन्हें अपना ही साइन किया हुआ MoU दोबारा पढ़ना चाहिए.’वहीं सीनेटर एमी क्लोबुचर और सांसद जेसन क्रो ने कहा कि रिपब्लिकन्स के पास अमेरिकियों की सेहत, शिक्षा और बेघरों के लिए पैसे नहीं होते, लेकिन वे ईरान को 300 अरब डॉलर देने के लिए तैयार हैं.

ओबामा की डील से भी बड़ी रकम

ट्रंप की अपनी ही पार्टी के सीनेटर रोजर विकर भी इस फैसले से नाराज दिखे. उन्होंने कहा कि भले ही इसमें अमेरिकी टैक्सपेयर्स का पैसा न लगे, लेकिन यह रकम साल 2015 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की ईरान डील (JCPOA) के तहत जारी की गई 55 अरब डॉलर की रुकी हुई संपत्ति से कई गुना ज्यादा है. बता दें कि ट्रंप ने 2018 में ओबामा की उस डील को बेकार बताकर खुद को अलग कर लिया था. अब इस नए समझौते को लागू करने के तौर-तरीकों पर अगले 60 दिनों तक दोनों देशों के बीच बातचीत चलेगी, जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola