क्या 45 साल पुराना रिकॉर्ड टूटेगा? Hurricane Milton अब तक का सबसे बड़ा समुद्री तूफान नहीं, जानें क्यों?
Author: Khushbu Goyal
Oct 13, 2024 11:18 AM IST
Hurricane Milton Like 45 Year Old Typhoon: मेक्सिको की खाड़ी में उठा तूफान 10 अक्टूबर को अमेरिका के फ्लोरिडा और टैम्पा स्टेट से टकराया। 3 दिन में कैटेगरी 5 के इस तूफान ने फ्लोरिडा में सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। फ्लोरिडा के कई शहर तेज हवाओं के कारण तबाह हो गए और मूसलाधार बारिश से पानी में डूब गए। 16 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 50 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है।
3 दिन तबाही मचाने के बाद यह तूफान अटलांटिक महासागर में चला गया है, लेकिन मौसम विज्ञानियों के अनुसार, यह तूफान 45 साल पुराना एक रिकॉर्ड तोड़ सकता है। 45 साल पहले 1979 में भी ऐसा ही एक तूफान टिप आया था। प्रशांत महासागर में उठे इस तूफान को दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा तूफान कहा जाता है और इसने जापान में भीषण तबाही मचाई थी। 86 लोग मारे गए थे, लेकिन इन दोनों तूफानों से घातक तूफान भोला चक्रवात, जिसने बांग्लादेश में लगभग 5 लाख लोगों की जान ले ली थी।
मिल्टन तूफान से जुड़ी अहम जानकारियां
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मैक्सिको की खाड़ी से फ्लोरिडा से टकराया मिल्टन तूफान उष्ण कटिबंधीय तूफान था, 5 अक्टूबर को पश्चिमी कैरेबियन सागर में कैंपेचे की खाड़ी में उठा था। पूर्व की ओर बढ़ते हुए 7 अक्टूबर को एक तूफान बन गया। 180 मील प्रति घंटे (285 किमी/घंटा) की हवाओं के साथ यह मैक्सिको की खड़ी में पहुंचकर कैटेगरी-5 का तूफान बन गया। इसका दबाव 897 मिलीबार (26.49 इंच HG) था, जो इसे रिकॉर्ड लेवल पर अटलांटिक महासागर का 5वां सबसे तेज तूफान बनाता है।
फ्लोरिडा से टकराने के बाद उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ने पर हवा के बढ़ते दबाव के कारण मिल्टन तूफान कमजोर पड़ गया। 9 अक्टूबर को सिएस्टा के पास कैटेगरी-3 का मिल्टन तूफान तट से टकराया। सिएस्टा के बाद फ्लोरिडा में तबाही मचाने के बाद मिल्टन तेजी से कमजोर हुआ और 10 अक्टूबर की रात को अटलांटिक महासागर में पहुंच गया। 12 अक्टूबर को पूरी तरह शांत होने से पहले मिल्टन तूफान बरमूडा द्वीप के पास से गुजरा।
टाइफून टिप ने मचाई थी भीषण तबाही
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा तूफान 45 साल पहले 1979 में आया था, जो 1380 मील व्यास का था और लंदन से रोमानिया तक इसका असर देखने को मिला था। इस टाइफून ने महासागर के चारों ओर 20 दिन सफर किया था। इसका दबाव 870 MB था, जबकि मिल्टन तूफान का 897 MB था। 12 अक्टूबर 1979 को टिप तूफान अपने चरम पर था और इसने जापान में तबाही मचाई थी। 12 अक्टूबर 1979 को इस तूफान के कारण 190 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थीं। जापान के नागोया, ऐची शहर बाढ़ में डूब गए थे।
टिप के नाम अभी भी ‘सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय चक्रवात’ होने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। टिप के कारण जापान में मछली पालन उद्योग और कृषि उद्योग को लाखों पाउंड का नुकसान हुआ था। 86 लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में जापान में तैनात 13 अमेरिकी मरीन भी शामिल थे। तेज बारिश और हवाओं के कारण ईंधन टैंक पलटने से लगी आग में जिंदा जलने से मारे गए थे। कंटेनर से गैसोलीन निकलने से आग भड़की थी, जिसमें कई आम नागरिक भी घायल हुए थे, ऐसे में मिल्टन टिप का रिकॉर्ड तोड़ सकता है।