हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

अमेरिकी F-35 जेट के सीक्रेट पार्ट हांगकांग कैसे पहुंचे, चीन ने किए जब्त तो US की क्यों बढ़ी टेंशन?

ऑस्ट्रेलिया से मरम्मत के लिए अमेरिका भेजे गए F-35 स्टील्थ फाइटर जेट के सीक्रेट सेंसटिव पार्ट रहस्यमय तरीके से हांगकांग पहुंच गए, जिन्हें चीन ने जब्त कर लिया है. इनमें रडार से बचने वाली खास तकनीक लगी थी. इस बड़ी चूक के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन और ऑस्ट्रेलिया ने हाई-लेवल जांच शुरू कर दी है.

विज्ञापन
अमेरिका भेजे गए F-35 स्टील्थ फाइटर जेट के सीक्रेट सेंसटिव पार्ट रहस्यमय तरीके से हांगकांग पहुंच गए, Credit: ANI file photo

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज अमेरिका में हैं और अमेरिकी सेना के सबसे आधुनिक और ताकतवर लड़ाकू विमान F-35 को लेकर बड़ा सुरक्षा संकट खड़ा हो गया है. ऑस्ट्रेलिया से मरम्मत के लिए अमेरिका भेजे जा रहे इस स्टील्थ विमान के बेहद सीक्रेट सेंसटिव पार्ट रास्ते में रहस्यमय तरीके से भटककर हांगकांग पहुंच गए. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब इन पुर्जों को चीन ने अपने कब्जे में ले लिया है. इस गंभीर लापरवाही के सामने आने के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन और ऑस्ट्रेलियाई सरकार में खलबली मच गई और दोनों ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि एफ-35 जेट के पुर्जे हांगकांग में कैसे पहुंचे. इन पुर्जों में कॉकपिट कैनोपी और हथियार बे डोर शामिल थे.

यह भी पढ़ें: बॉम्बर की गर्जना से चौंके डोनाल्ड ट्रंप, बगल में शांत खड़े रहे जिनपिंग; VIDEO हुआ वायरल

हांगकांग कैसे पहुंचा कार्गो?

मई के महीने में ऑस्ट्रेलियाई वायुसेना के बेड़े में शामिल F-35 विमानों के कुछ खराब पार्ट्स को मरम्मत के लिए अमेरिका भेजा जाना था. इस ट्रांसपोर्टेशन का जिम्मा मशहूर कमर्शियल शिपिंग कंपनी UPS को दिया गया था. विमान बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन पूरी सप्लाई चेन का प्रबंधन करती है. हालांकि, ऑस्ट्रेलिया से वॉशिंगटन जाने के बजाय यह शिपमेंट गलती से चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र हांगकांग पहुंच गया. चार महीने बीत जाने के बाद भी यह साफ नहीं हो सका है कि यह रूट कैसे बदला.

विज्ञापन

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मई में शिपिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी यूपीएस को मरम्मत के लिए एफ-35 के पुर्जे अमेरिका भेजने का काम सौंपा गया था. आंकड़ों से पता चला कि यह खेप अमेरिका जाते समय दक्षिण कोरिया में रुक गई थी और वहां से इसे रहस्यमय तरीके से हांगकांग भेज दिया गया. ब्लूमबर्ग ने बताया कि चीनी सरकार ने बाद में पुर्जों पर कब्जा कर लिया और अभी तक उन्हें वापस नहीं किया है.

अमेरिका की चिंता क्यों बढ़ी?

दुनिया इस बात से भलीभांति परिचित है कि हांगकांग में चीन का कितना प्रभाव है. जब्त किए गए सामान में कॉकपिट कैनोपी और वेपन्स बे का दरवाजा शामिल बताया जा रहा है. इन दोनों ही हिस्सों पर खास रडार-एब्जॉर्बिंग कोटिंग होती है, जो इस फाइटर जेट को दुश्मनों के रडार से छिपाकर ‘स्टील्थ’ बनाती है. इस तकनीक को विकसित करने में अमेरिका को दशकों का समय लगा है. अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों को डर है कि चीन इन पार्ट्स की रिवर्स-इंजीनियरिंग करके अपने स्टील्थ जेट्स (J-20 और J-35) को और घातक बना सकता है या फिर F-35 को रडार पर पकड़ने का तोड़ निकाल सकता है.

विज्ञापन

पेंटागन और ऑस्ट्रेलिया ने शुरू की जांच

पेंटागन ने माना है कि F-35 के पार्ट्स की शिपमेंट को लेकर गड़बड़ी हुई है और सामान को वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं. वहीं, ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने पुष्टि की है कि पुर्जे हांगकांग में हैं, हालांकि उन्होंने इसे अति-संवेदनशील मानने से इनकार किया है. चीन का कहना है कि उसे ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है, हाल के वर्षों में चीन ने कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के माध्यम से हांगकांग पर पकड़ मजबूत कर ली है, लेकिन हांगकांग पर बीजिंग के कड़े नियंत्रण को देखते हुए अमेरिका की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

यह भी पढ़ें: ‘पुतिन को युद्ध में आपको घसीटने न दें…’, जेलेंस्की की भारत समेत 47 देशों को चेतावनी, जानें क्यों?

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola