डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्टर जैसे पवित्र दिन पर सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट साझा किया, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. इस पोस्ट में ईरान को सीधी धमकी दी गई थी, लेकिन उसमें इस्तेमाल किए गए शब्द बेहद अश्लील और गाली-गलौज से भरे थे. एक राष्ट्रप्रमुख द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल न केवल अमेरिका की छवि धूमिल कर रहा है, बल्कि विपक्ष अब उनकी मानसिक स्थिरता पर भी सवाल उठा रहा है. विपक्षी नेताओं का तर्क है कि ऐसा व्यवहार एक संतुलित मस्तिष्क वाला व्यक्ति नहीं कर सकता.

क्या है अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन?

अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन राष्ट्रपति पद पर पैदा होने वाले किसी भी खालीपन को भरने के लिए बनाया गया था. 1963 में जॉन एफ. केनेडी की हत्या के बाद 1967 में इसे लागू किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि राष्ट्रपति की मृत्यु हो जाए, वह इस्तीफा दे दे या अपने दायित्व निभाने में असमर्थ हो, तो सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से कैसे होगा.

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धारा 4 की सबसे ज्यादा चर्चा

वर्तमान में सबसे ज्यादा चर्चा धारा 4 की हो रही है. यह राष्ट्रपति को पद से हटाने का सबसे कड़ा प्रावधान है. इसके तहत यदि देश के उपराष्ट्रपति और कैबिनेट का बहुमत लिखित रूप में अमेरिकी संसद (कांग्रेस) को सूचित करें कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों का पालन करने में अक्षम हैं तो उनकी शक्तियां तुरंत छीन ली जाती हैं. ऐसी स्थिति में उपराष्ट्रपति तत्काल 'एक्टिंग राष्ट्रपति' के रूप में कार्यभार संभाल लेता है.

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कैसे होती है हटाने की पूरी कानूनी प्रक्रिया?

यदि धारा 4 लागू की जाती है और राष्ट्रपति यह दावा करते हैं कि वे पूरी तरह फिट हैं, तो यह मामला अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में जाता है. इसके बाद उपराष्ट्रपति और कैबिनेट को 4 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखना होता है. अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से यह साबित करना होता है कि राष्ट्रपति वाकई काम करने के लायक नहीं हैं. यदि दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलता, तो राष्ट्रपति अपनी शक्तियां दोबारा प्राप्त कर लेते हैं.

कैबिनेट की भूमिका और भविष्य की चुनौती

25वें संशोधन की सबसे बड़ी बाधा यह है कि इसकी शुरुआत केवल उपराष्ट्रपति ही कर सकते हैं. बिना उनकी सहमति के धारा 4 को सक्रिय नहीं किया जा सकता. फिलहाल रिपब्लिकन खेमे में सुगबुगाहट तो है, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई कदम नहीं उठाया गया है. हालांकि, ईरान के साथ बढ़ते तनाव और ट्रंप के अनियंत्रित व्यवहार को देखते हुए अब कैबिनेट के लिए लंबे समय तक चुप्पी साधे रखना मुश्किल होगा.